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म्यांमार में तख्तापलट के बाद सैन्य सरकार ने ट्विटर और इंस्टाग्राम पर लगाई रोक

सैन्य तख्तापलट का विरोध लोग सड़कों पर उतरकर कर रहे हैं. (तस्वीर-Reuters-news18 english)
सैन्य तख्तापलट का विरोध लोग सड़कों पर उतरकर कर रहे हैं. (तस्वीर-Reuters-news18 english)

म्यांमार की सैन्य सरकार (Myanmar Military) ने शुक्रवार को फेसबुक (Facebook) और अन्य ऐप पर पाबंदी लगाने के अलावा संचार ऑपरेटरों और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को ट्विटर (Twitter) और इंस्टाग्राम (Instagram) के इस्तेमाल पर भी रोक लगाने का आदेश दिया है.

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यंगून. म्यांमार (Myanmar) के प्रभारी सैन्य अधिकारियों ने इस सप्ताह की शुरुआत में हुए तख्तापलट के बाद सोशल मीडिया (Social Media) पर पाबंदी का दायरा बढ़ाते हुए ट्विटर (Twitter) और इंस्टाग्राम (Instagram) के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी है. इस बीच, देश के सबसे बड़े शहर यंगून में लोगों ने बर्तन और प्लास्टिक बोतलें बजाकर सैन्य तख्तापलट के प्रति विरोध जताया है.

सैन्य सरकार ने शुक्रवार को फेसबुक और अन्य ऐप पर पाबंदी लगाने के अलावा संचार ऑपरेटरों और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को ट्विटर और इंस्टाग्राम के इस्तेमाल पर भी रोक लगाने का आदेश दिया है. एक बयान में कहा गया है कि कुछ लोग फर्जी खबरें फैलाने के लिए इन दोनों प्लेटफॉर्मों का इस्तेमाल कर रहे हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के बाधित होने और उन्हें बंद किए जाने पर नजर रखने वाले 'नेटब्लॉक्स' ने इस बात की पुष्टि की है कि रात दस बजे से ट्विटर सेवाएं बंद कर दी गई हैं. इंस्टाग्राम पर पहले ही पाबंदी लगाई जा चुकी है.

म्यांमार में काम कर रही नॉर्वे की दूरसंचार कंपनी 'टेलीनॉर' ने कहा है कि उसने आदेश का पालन किया है, लेकिन साथ ही 'निर्देश की आवश्यकता' पर सवाल भी उठाए हैं. म्यांमार में सरकारी मीडिया और देश में समाचार तथा सूचना का मुख्य स्रोत बन चुके फेसबुक पर पैनी नजर रखी जा रही है. फेसबुक का इस्तेमाल प्रदर्शन आयोजित करने के लिए भी किया जाता रहा है.
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म्यांमार की सेना ने कहा, एक साल में करवाएंगे नए सिरे से चुनाव
म्यांमार की सेना ने तख्तापलट कर देश की बागडोर अपने हाथ में ले ली है. स्टेट काउंसलर आंग सान सू की की पार्टी ने कहा है कि उन्हें नजरबंद कर दिया गया है. सेना का कहना है कि आंग सान सू ची की निर्वाचित असैन्य सरकार को हटाने का एक कारण यह था कि वह कथित व्यापक चुनावी अनियमितताओं के आरोपों की ठीक से जांच करने में विफल रही. उसने घोषणा की है कि वह एक साल के लिए आपातकाल की स्थिति के तहत शासन करेगी और फिर चुनाव आयोजित करेगी, जिसमें जीतने वाले सरकार का कार्यभार संभालेंगे.
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