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Moderna के CEO का दावा- हमारी वैक्सीन कई सालों तक कोरोना संक्रमण से देगी सुरक्षा

मॉडर्ना के सीईओ स्टीफन बेनसेल के मुताबिक उनकी वैक्सीन कई सालों तक कोरोना से सुरक्षति रखेगी.  (फोटो- प्रतीकात्मक)
मॉडर्ना के सीईओ स्टीफन बेनसेल के मुताबिक उनकी वैक्सीन कई सालों तक कोरोना से सुरक्षति रखेगी. (फोटो- प्रतीकात्मक)

Moderna Coronavirus Vaccine Update: अमेरिकी बायोटेक कंपनी मॉडर्ना के सीईओ स्टीफन बेनसेल (Stephane Bancel) ने दावा किया है कि उनकी बनायी वैक्सीन कई सालों तक कोरोना संक्रमण से बचाने में सक्षम है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 8, 2021, 9:20 PM IST
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पेरिस. मॉडर्ना (Moderna) के सीईओ स्टीफन बेनसेल (Stephane Bancel) ने दावा किया है कि उनकी वैक्सीन कोरोना संक्रमण के खिलाफ कई सालों तक कारगर होगी. इस दावे के मुताबिक एमआरएनए आधारित मॉडर्ना कोविड-19 की वैक्सीन से कई सालों तक कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव संभव है. हालांकि स्टीफन ने ये भी कहा कि अभी इस बारे में और डेटा की जरूरत है लेकिन इतना तय है कि ये बाकी वैक्सीन के मुकाबले लंबे समय तक संक्रमण से सुरक्षा देने में सक्षम है.

अमेरिकी बायोटेक कंपनी मॉडर्ना ने पिछले साल नोवल कोरोना वायरस का टीका बनाने की घोषणा करके पूरी दुनिया को चौंका दिया था. बुधवार को उसे यूरोपीय आयोग से अपने शॉट्स देने के लिए कुछ ही हफ्तों में मंजूरी भी मिल गई है. स्टीफन बेनसेल ने एक कार्यक्रम में कहा कि मीडिया में यह खबर आना कि कोविड की वैक्सीन केवल एक या दो महीने ही कारगर होगा,सुनना किसी डरावने सपने से कम नहीं था. उन्होंने कहा कि वैक्सीन से मानव शरीर में बनने वाले एंटीबॉडी शरीर को कई सालों तक सुरक्षा देंगे. उनकी वैक्सीन यह साबित कर देगी कोरोना वायरस के ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में पाए जाने वाले कई स्ट्रेनों की इससे रोकथाम हो सकेगी. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह वैक्सीन दोनों प्रकार के स्ट्रेनों के लिए उपयुक्त साबित होगी.






ब्रिटेन ने कड़े किए नियम
उधर ब्रिटेन सरकार ने गुरुवार रात एक सख्त फैसला लेते हुए दूसरे देशों से आने वाले नागरिकों के लिए कोविड-19 टेस्ट जरूरी कर दिया है. इसके पहले कुछ शर्तों के साथ यह नियम लागू था. ब्रिटेन की बोरिस जॉनसन सरकार ने गुरुवार रात जारी एक बयान में साफ कर दिया कि अब दूसरे देशों से आने वाले हर नागरिक को कोविड-19 टेस्ट से गुजरना ही होगा. इनमें ब्रिटिश नागरिक भी शामिल हैं. ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ग्रांट शेप्स ने कहा- यह नियम सोमवार से लागू होगा. सिर्फ वही रिपोर्ट मान्य होंगी जो 72 घंटे पहले जारी की गई हों. इसमें यह भी ध्यान रखा जाएगा कि पैसेंजर किस देश से आया है. अगर अराइवल पर कोई व्यक्ति पॉजिटिव पाया जाता है तो उसे 10 दिन आइसोलेशन में रहना होगा.

ब्रिटेन के हेल्थ मिनिस्टर मैट हनूक ने कहा है कि पेशेंट्स को 6 से 12 महीने के बीच फिर वैक्सिनेशन कराना पड़ सकता है. हाउस ऑफ कॉमन्स की हेल्थ कमेटी के सामने बयान में हनूक ने कहा- हम फिलहाल ये नहीं कह सकते कि जो वैक्सीन लगाई जा रही है वो कितने वक्त तक कारगर रहेगी. एक अनुमान के मुताबिक, मरीजों को 6 से 12 महीने के बीच फिर वैक्सिनेशन कराना पड़ सकता है. ब्रिटेन सरकार ने वैक्सीन के दूसरे डोज को 12 हफ्ते बाद लगाने के फैसले का बचाव किया और कहा कि इससे बाकी लोगों को पहला डोज आसानी से मिल जाएगा.



ब्राजील में मरने वालों का आंकड़ा 2 लाख के पार
ब्राजील में गुरुवार को संक्रमण की दूसरी लहर का सबसे घातक रूप सामने आया. यहां मरने वालों का आंकड़ा 2 लाख के पार हो गया. ब्राजीलियन हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक, यहां अब तक एक दिन में सबसे ज्यादा 87 हजार 843 मामले सामने आए. एक दिन में 1 हजार 524 लोगों की मौत भी हो गई. अब हेल्थ मिनिस्ट्री ने साफ कर दिया है कि किसी भी संक्रमित के आइसोलेशन पीरियड की सख्त निगरानी की जाएगी.





उधर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि मार्च तक देश में 16 साल से ज्यादा के सभी उम्र वालों को वैक्सीनेट कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा- हमारे पास बेहतरीन हेल्थ सिस्टम है. हम चाहते हैं कि पहले वैक्सीन बुजुर्गों को मिले. हम अपने सिस्टम का इस्तेमाल करेंगे और मार्च तक 16 साल से ऊपर के सभी लोगों को वैक्सीनेट कर देंगे.
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