SCO समिट में मोदी और पुतिन के बीच वार्ता, अमेठी का हुआ जिक्र

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से पीएम मोदी ने कहा कि अमेठी में राइफल बनाने के प्रोजेक्ट को आपने अपने जिम्मे लिया और मैं हृदय से आभारी हूं.

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Updated: June 13, 2019, 11:02 PM IST
SCO समिट में मोदी और पुतिन के बीच वार्ता, अमेठी का हुआ जिक्र
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिले पीएम मोदी (फाइल फोटो)
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Updated: June 13, 2019, 11:02 PM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को किर्गिस्तान में रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए द्विपक्षीय रिश्तों के सभी पहलुओं की समीक्षा की. पिछले महीने भारत में लोकसभा चुनाव में बीजेपी की जबरदस्त जीत के बाद मोदी के दोबारा प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात है. इस बातचीत के दौरान कांग्रेस के पुराने गढ़ अमेठी का भी जिक्र आया.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "मेरे चुनाव में विजय की भविष्यवाणी सत्य हो गई. आपके जैसे पुराने और घनिष्ठ मित्र के विश्वास से मुझे ऊर्जा मिली. मैं आपका धन्यवाद करता हूं. मैं इस बात का बहुत आभारी हूं कि आपने मुझे सर्वश्रेष्ठ सम्मान 'ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू' से सम्मानित किया. अमेठी में राइफल बनाने के प्रोजेक्ट को आपने अपने जिम्मे लिया और मैं हृदय से आभारी हूं. हम तय करें तो समयसीमा में कितना बड़ा काम कर सकते हैं ये उसका उदाहरण है."





बता दें कि अमेठी में एके-203 कलाशनिकोव राइफल उत्पादन इकाई भारत-रूस का संयुक्त उपक्रम है. अमेठी के पास कोरवा में मार्च महीने में मोदी ने इस इकाई का उद्घाटन किया था.
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रणनीतक संबंधों को मजबूत करने पर बातचीत

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि दोनों नेताओं ने रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की. बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा कि यह बहुत संक्षिप्त मुलाकात थी लेकिन बहुत ही महत्वपूर्ण रही. उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं की बातचीत में रक्षा और ऊर्जा के विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया। दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश संबंधों की भी समीक्षा की तथा आगे की यात्रा पर बढ़ने की बात कही.

जी-20 सम्मेलन में भारत, रूस और चीन के बीच बात

प्रधानमंत्री मोदी ने के लिए दिये गये समर्थन पर रूसी राष्ट्रपति का आभार जताया. गोखले ने बताया कि इस महीने के आखिर में जापान के ओसाका में जी-20 सम्मेलन से इतर रूस, भारत और चीन की त्रिपक्षीय बैठक होगी. उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति पुतिन ने सितंबर में रूस के व्लादीवोस्तक में आयोजित होने वाले ईस्टर्न इकनॉमिक फोरम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को औपचारिक रूप से आमंत्रित किया और मोदी ने उत्साह से निमंत्रण स्वीकार किया. गोखले के अनुसार मोदी ने पुतिन से कहा कि हम अपनी तरफ से इस बैठक में साझेदारी को सफल बनाने के लिए पूरी गंभीरता से तैयारी करेंगे.

एक प्रश्न के जवाब में गोखले ने कहा कि किसी क्षेत्रीय या अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई. पूरा ध्यान इस बात पर केंद्रित था कि अगले सालाना सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री की यात्रा को कैसे सफल बनाया जाए. मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सम्मेलन में भाग लेने के लिए गुरुवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे.

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