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दूसरे देशों के मुकाबले ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी करते हैं भारतीय बच्चे- WHO

भारत के बच्चे हैं ज्यादा एक्टिव - WHO (फोटो-प्रतीकात्मक)

भारत के बच्चे हैं ज्यादा एक्टिव - WHO (फोटो-प्रतीकात्मक)

तकनीक के बढ़ते प्रभाव की वजह से जीवनशैली में जो बदलाव आ रहे हैं उसके कारण फिजिकल एक्टिविटी (Physical Activity) कम हो रह ...अधिक पढ़ें

    संयुक्त राष्ट्र. विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत के लड़के-लड़कियां शारीरिक समस्याओं से थोड़ा कम घिरे हुए हैं. तकनीक के बढ़ते प्रभाव की वजह से जीवनशैली में जो बदलाव आ रहे हैं उसके कारण फिजिकल एक्टिविटी (Physical Activity) कम हो रही है. लेकिन भारत को इस कैटेगरी में थोड़ी राहत मिली है. डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है.

    भारत के लड़के-लड़कियां ज्यादा सक्रिय
    अध्ययन के परिणाम में कहा गया है कि लड़कियों के घरेलू काम करने और लड़कों के क्रिकेट जैसे खेलों पर ध्यान केंद्रित करने के कारण वे शारीरिक रूप से सक्रिय रहते हैं. डब्ल्यूएचओ (WHO) ने 11 से 17 उम्र के छात्रों को लेकर अपनी तरह का पहला अध्ययन किया है. उसने कहा कि विश्व भर में करीब 80 प्रतिशत किशोर प्रतिदिन 60 मिनट से भी कम समय के लिए कोई शारीरिक गतिविधि करते हैं.

    16 लाख बच्चों पर किया गया अध्ययन
    साल 2001 से 2016 के बीच किए गए अध्ययन के अनुसार चार देशों टोंगा, समोआ, अफगानिस्तान और जाम्बिया को छोड़कर 146 देशों में लड़कियां लड़कों से कम सक्रिय हैं. इस अध्ययन में 16 लाख बच्चों को शामिल किया गया था. अध्ययन की सहलेखिका लिएने रिले ने कहा कि 2001 से 2016 के बीच 11 से 17 साल के बच्चों के शारीरिक सक्रियता के मामले में कोई बदलाव नहीं आया.

    इन देशों का प्रदर्शन सबसे बेहतर
    किशोरों की पर्याप्त सक्रियता के मामले में अमेरिका, बांग्लादेश और भारत का प्रदर्शन बेहतर रहा. अध्ययन के अनुसार भारत और बांग्लादेश में क्रिकेट जैसे खेलों के कारण बच्चे मैदान में जाते हैं. किशोरियों के मामले में भी बांग्लादेश और भारत का प्रदर्शन सबसे अच्छा देखा गया है. अध्ययन के अनुसार फिलीपीन में लड़कों से सक्रिय नहीं होने की दर सर्वाधिक (93 प्रतिशत) है जबकि दक्षिण कोरिया में 97 प्रतिशत लड़कियां कोई फिजिकल एक्टिविटी नहीं करती.

    डब्ल्यूएचओ ने सिफारिश की है कि लोगों को दिन में कम से कम एक घंटा कोई फिजिकल एक्टिविटी करनी चाहिए. 'द लैंसेट चाइल्ड एंड अडोलेसेंट हेल्थ' पत्रिका में प्रकाशित डब्ल्यूएचओ के अनुसंधानकर्ताओं के रिसर्च में कहा गया है कि विश्वभर में 85 प्रतिशत लड़कियां और 78 प्रतिशत लड़के प्रतिदिन कम से कम एक घंटे कोई भी फिजिकल एक्टिविटी करने में नाकाम रहे. (भाषा इनपुट के साथ)

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    Tags: India, Survey report, United nations, World Health summit

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