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अफगानिस्तान पर मॉस्को वार्ता, तालिबान ने मांगी मान्यता, कहा-किसी देश को खतरा नहीं

अफगानिस्तान पर मॉस्को वार्ता, तालिबान ने मांगी मान्यता, कहा-किसी देश को खतरा नहीं

रूस की राजधानी में तालिबान के साथ भारत समेत कई देशों ने बातचीत की है. (तस्वीर-AFP)

रूस की राजधानी में तालिबान के साथ भारत समेत कई देशों ने बातचीत की है. (तस्वीर-AFP)

Moscow Talks with Taliban: तालिबान सरकार में अंतरिम डिप्टी प्रधानमंत्री अब्दुल सलाम हनाफी (Abdul Salam Hanafi) ने कहा-अफगानिस्तान में अब एक नई सरकार बनी है जो दुनिया के सभी देशों के लिए जिम्मेदार है. विशेष तौर पर पड़ोसियों के लिए. हम इस बात के लिए आश्वस्त करते हैं कि अफगानिस्तान में सुरक्षा के हालात अब नियंत्रण में हैं और अन्य किसी भी देश को खतरा नहीं है.

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    देसमॉस्को. अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान (Taliban) के साथ दुनिया के कई देशों ने बुधवार को बातचीत की. इन देशों में भारत (India) भी शामिल है. वार्ता के दौरान रूस (Russia) ने माना कि अफगानिस्तान की स्थितियां सुधारने के लिए तालिबान प्रयास कर रहा है. वहीं कट्टरपंथी समूह ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से स्वीकार्यता देने की मांग की है.

    तालिबान सरकार में अंतरिम डिप्टी प्रधानमंत्री अब्दुल सलाम हनाफी ने कहा- अफगानिस्तान में अब एक नई सरकार बनी है जो दुनिया के सभी देशों के लिए जिम्मेदार है. विशेष तौर पर पड़ोसियों के लिए. हम इस बात के लिए आश्वस्त करते हैं कि अफगानिस्तान में सुरक्षा के हालात अब नियंत्रण में हैं और अन्य किसी भी देश को खतरा नहीं है.

    तालिबान के लिए बेहद महत्वपूर्ण बैठक, दुनिया से चाहिए मान्यता और आर्थिक मदद
    इस बैठक में दस देशों ने भाग लिया जिनमें भारत के अलावा चीन, पाकिस्तान, ईरान सहित कई मध्य एशियाई देश शामिल हैं. सितंबर महीने के पहले सप्ताह में तालिबान की अंतरिम सरकार की घोषणा के बाद इस बैठक को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है. तालिबान को अफगानिस्तान की स्थिति संभालने के लिए दुनिया के देशों से न सिर्फ मान्यता चाहिए बल्कि उसे आर्थिक मदद की भी जरूरत है.

    भारत की तालिबान के साथ ये दूसरी बातचीत है. इससे पहले 31 अगस्त को भारत और तालिबान के बीच बातचीत हुई थी. लेकिन यह मुलाकात तालिबान की अंतरिम सरकार बनने से पहले हुई थी.

    बैठक के पहले ही रूस ने मान्यता देने से किया था इंकार
    बैठक से पहले ही रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने साफ कर दिया था कि रूस अभी तालिबान को मान्यता नहीं देने जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस्लामिक संगठन को अभी अपने उन वादों पर खरा उतरना बाकी है जो उसने सरकार बनाने पर किए थे. उन्होंने समावेशी सरकार बनाने का वादा भी याद दिलाया है.

    Tags: Russia, Taliban afghanistan

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