न्यूजीलैंड मस्जिद हमला: हमलावर ब्रेंटन को हो सकती है उम्रकैद की सजा, 4 दिन तक चलेगी सुनवाई

न्यूजीलैंड मस्जिद हमला: हमलावर ब्रेंटन को हो सकती है उम्रकैद की सजा, 4 दिन तक चलेगी सुनवाई
ऑस्ट्रेलियाई हमलावर ब्रेंटन टॉरेंट (फाइल फोटो)

मस्जिदों (Mosque) में पिछले साल हुई गोलीबारी के मामले में ब्रेंटन टैरेंट (Brentan Tarrant) ने 51 लोगों की हत्या करने और 40 की हत्या के प्रयास करने के आरोपों में अपना जुर्म स्वीकार किया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 24, 2020, 10:29 PM IST
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वेलिंगटन. न्यूजीलैंड में गत वर्ष दो मस्जिदों में गोलीबारी कर 51 लोगों को मौत के घाट उतारने वाले ऑस्ट्रेलियाई हमलावर ब्रेंटन टॉरेंट (Brentan Tarrant) को सजा देने पर सुनवाई शुरू हो गई है. क्राइस्टचर्च के हाई कोर्ट में चार दिनों तक यह सुनवाई चलेगी. हमलावर को उम्रकैद तक की सजा हो सकती है. इस देश में आतंकवाद मामले में यह पहली सजा होगी. सुनवाई के दौरान पीडि़त परिवारों के कुछ परिजन भी मौजूद रहे, जिनका हमलावर से पहली बार आमना-सामना हुआ. ब्रेंटन टॉरेंट ने कहा कि वो क्राइस्टचर्च (Christchurch) की दोनों बड़ी मस्जिदों को तबाह कर देना चाहता था और उसने इसीलिए नमाज के समय को चुना था, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को वो निशाना बना सके. टॉरेंट ने अपनी सजा की सुनवाई के दौरान इस बात को कुबूल किया है.

बता दें, क्राइस्टचर्च में पिछले साल 15 मार्च को हुए इस हमले को न्यूजीलैंड के इतिहास का सबसे बड़ा आतंकवादी हमला करार दिया गया. जिसमें 51 लोगों की जान चली गई, तो 40 से अधिक लोग घायल हो गए. अब इस मामले में टॉरेंट पर मुकदमा चलाया जा रहा है. टॉरेंट ने इस हमले की लाइव स्ट्रीमिंग भी की थी. इस शूटिंग के बाद उसे उस समय गिरफ्तार कर लिया गया था, जब वो तीसरी मस्जिद को निशाना बनाने जा रहा था. ब्रेंटन टॉरेंट को 51 लोगों की हत्या, 40 लोगों की हत्या और आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने का दोषी पाया जा चुका है. उसकी सजा पर बहस चार दिनों तक चलेगी.

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साल 2017 में न्यूजीलैंड आया था ब्रेंटन
कोर्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक टॉरेंट साल 2017 में न्यूजीलैंड आया था और आने के साथ ही ताकतवर हथियारों को जमा करना शुरू कर दिया था. टॉरेंट ने कम से कम 7000 राउंड गोलीबारी की व्यवस्था की थी. टॉरेंट ने पुलिसवालों से कहा था कि वो मस्जिदों में ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपना शिकार बनाने की पूरी प्लानिंग करके आया था. ब्रेंटन टॉरेंट ने जानबूझकर अल नूर मस्जिद और लिनवूड इस्लामिक सेंटर को चुना था. उसके खिलाफ 26 पेज के आरोप पत्र में सारी बातों का जिक्र किया गया है.
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