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दुनिया की ज्यादातर वैक्सीन ओमिक्रॉन से संक्रमण को रोकने में सक्षम नहीं: रिपोर्ट

दुनिया की ज्यादातर वैक्सीन ओमिक्रॉन से संक्रमण को रोकने में सक्षम नहीं: रिपोर्ट

ओमिक्रॉन वैरिएंट पर दुनियाभर में रिसर्च जारी है. (सांकेतिक तस्वीर-AP)

ओमिक्रॉन वैरिएंट पर दुनियाभर में रिसर्च जारी है. (सांकेतिक तस्वीर-AP)

Omicron Update: न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया की ज्यादातर कोरोना वैक्सीन ओमिक्रॉन संक्रमण को रोकने में कारगर नहीं हैं. हालांकि ऐसा लगता है कि ये वैक्सीन ओमिक्रॉन संक्रमण को गंभीर होने से रोकने में कुछ हद तक कारगर हो सकती हैं. यही कारण है कि सामान्य दो डोज के अलावा तीसरे डोज की शुरुआत भी कुछ देशों में की जा चुकी है.

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    नई दिल्ली. कोरोना के नए ओमिक्रॉन वेरिएंट (Omicron Variant) को लेकर इस वक्त दुनियाभर के वैज्ञानिक रिसर्च में जुटे हैं और लगभग हर दिन नई जानकारी सामने आ रही है. अब न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया की ज्यादातर कोरोना वैक्सीन (Covid Vaccine) ओमिक्रॉन संक्रमण को रोकने में कारगर नहीं हैं. हालांकि ऐसा लगता है कि ये वैक्सीन ओमिक्रॉन संक्रमण को गंभीर होने से रोकने में कुछ हद तक कारगर हो सकती हैं. यही कारण है कि सामान्य दो डोज के अलावा तीसरे यानी बूस्टर डोज (Booster Dose) की शुरुआत भी कुछ देशों में की जा चुकी है.

    रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल फाइज़र (Pfizer) और मॉडर्ना (Moderna) की वैक्सीन ऐसी हैं जिनमें अगर बूस्टर डोज दिया जाए तो वो ओमिक्रॉन संक्रमण रोकने में सक्षम दिख रही हैं. दरअसल सामान्य तौर पर वैक्सीन की अवधारणा यही है कि इसका डोज लेने के बाद आप पर बीमारी या संक्रमण का खतरा नहीं होता है. लेकिन कोरोना के खिलाफ मौजूद अभी सभी वैक्सीन इस आधार पर दी जा रही हैं कि अगर संक्रमण होता है तो ये उसे गंभीर होने से रोकेंगी. यानी संक्रमित व्यक्ति के अस्पताल में भर्ती होने या फिर मौत का खतरा कम हो जाएगा.

    बड़ी आबादी का वैक्सीनेशन न होना चिंता की बात
    न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट कहती है कि दुनिया में अभी एक बड़ी आबादी है जिसका वैक्सीनेशन नहीं हुआ है. इस बीच ओमिक्रॉन के बढ़ते मामले इस आबादी के लिए चिंता का सबब हो सकते हैं.

    चीन की वैक्सीन बिल्कुल कारगर नहीं
    रिपोर्ट में कहा गया है कि एमआरएनए तकनीक से बनीं फाइज़र और मॉडर्ना की वैक्सीन अब तक सभी वेरिएंट के खिलाफ बेहतर सुरक्षा प्रदान करती आई हैं. इसके अलावा सभी वैक्सीन पुरानी तकनीक के मुताबिक बनी हैं जिसमें प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा दिया जाता है. रिपोर्ट में चीन की वैक्सीन के बारे में कहा गया है कि ये ओमिक्रॉन वेरिएंट से बिल्कुल भी सुरक्षा नहीं प्रदान करती हैं.

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    ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की स्टडी में की गई है तीसरे डोज की वकालत
    हाल में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक स्टडी में खुलासा हुआ है कि दो डोज वाली वैक्सीन ओमिक्रॉन के खिलाफ पर्याप्त एंटीबॉडी नहीं तैयार करती हैं. ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने पाया है कि ओमिक्रॉन के कारण पहले वैक्सीनेशन करवा चुके लोगों में भी संक्रमण बढ़ सकता है.

    नई स्टडी का अभी तक पीयर रिव्यू नहीं हुआ है. स्टडी में उन लोगों को शामिल किया गया था जिन्हें ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका (Oxford-AstraZeneca) और फाइज़र की वैक्सीन लगाई गई थीं. इस स्टडी में काफी बड़ी संख्या में लोगों को शामिल किया गया है.

    Tags: COVID 19, Omicron

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