तबाही की कगार पर मोसुल यूनिवर्सिटी, अंदर घुसी इराक़ी स्पेशल फोर्स

News18India
Updated: January 16, 2017, 6:23 PM IST
तबाही की कगार पर मोसुल यूनिवर्सिटी, अंदर घुसी इराक़ी स्पेशल फोर्स
मोसुल के यूनिवर्सिटी बीते कुछ अरसे से इस्लामिक स्टेट की महफूज पनाहगाह बनी हुई थी और उसी वजह से तालीम देने वाली ये जगह जंग का मैदान बन गई है।
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Updated: January 16, 2017, 6:23 PM IST
नई दिल्ली। मोसुल के यूनिवर्सिटी बीते कुछ अरसे से इस्लामिक स्टेट की महफूज पनाहगाह बनी हुई थी और उसी वजह से तालीम देने वाली ये जगह जंग का मैदान बन गई है। मोसुल यूनिवर्सिटी के पूर्वी इलाके से इराकी स्पेशल फोर्सेज ने दाखिल होना शुरू कर दिया है और आमने सामने की जंग में इस्लामिक स्टेट के गुर्गों को मार भगाने का सिलसिला तेज कर दिया है।

पूरे इराक के साथ साथ अरब के ज्यादातर हिस्सों से पढ़ने लिखने वाले काबिल छात्र तालीम हासिल करने के लिए इसी यूनिवर्सिटी का रूख करते थे। इस इमारत से कभी कामयाबी और शोहरत के रास्ते खुला करते थे। आज वही इमारत तबाही की इबारत बन चुकी है।

मौजूदा सूरतेहाल ये है कि यूनिवर्सिटी की अधिकतर बिल्डिंगें तबाह हो चुकी हैं। अब हुनर की इबारतों की बजाए मौत का तमाशा हो रहा है। इराकी और पेशमरगा सैनिकों को मोसुल के इलाके में इस्लामिक जंग लड़ते हुए तीन महीने का वक़्त गुज़र चुका है और इस दौरान इराक़ी फौजों ने हर उस जगह दबिश दी जहां जहां आईएस के आतंकियों के होने का जरा भी अंदाजा मिला।

दरअसल दज़ला नदी मोसुल को पूर्वी और पश्चिमी मोसुल को दो हिस्सों में बांट देती है और इन दोनों हिस्सों को जोड़ने के लिए नदी पर करीब पांच पुल हुआ करते थे। लेकिन, बीते दो हफ्तों की लड़ाई के दौरान इराक़ी और अमेरिकी गठबंधन की सेना ने या तो उन पुलों पर अपना पहरा बैठा दिया है या फिर उन्हें बारूद से उड़ा दिया। ऐसा करने के पीछे मकसद सिर्फ इतना है कि आईएस के कदमों पर न सिर्फ लगाम लगा दी जाए बल्कि उनके भागने के रास्तों को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाए।

इसी बीच इराक़ी सेना गोलीबारी करती हुई मोसुल के भीतरी इलाके में जब छानबीन कर रही थी। तभी एक मकान के भीतरी कमरे से सामने आई इस्लामिक स्टेट की ऐसी सुरंग, जिसने कई तरह के कयासों के रास्तों को खोल दिया है।

इराक़ और सीरिया के इलाके में चल रही जंग पर नज़र रखने वाली पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट पर गौर करें तो बग़दादी ने इस जंग के शुरू होने से काफी पहले ही पूरे मोसुल में ऐसी सुरंगों का पूरा नेटवर्क फैला दिया है। ताकि जंग की सूरत में वहां से निकल भागने में कामयाबी मिल सके। इसके अलावा एजेंसियों का यहां तक दावा है कि बग़दादी अगर अभी ज़िंदा है तो वो बारूदी बेल्ट के साथ ऐसी ही किसी सुरंग में पनाह लिए हुए है और अगर इराक़ी या गठबंधन की सेना उसके नज़दीक पहुंचती है तो वो खुद को उस बारूद से उड़ा दे।

ऐसा करने के पीछे उसकी यही मंशा है कि वो किसी भी हाल में इराक़ के शासक सद्दाम हुसैन की तरह उसका हाल नहीं होना चाहिए। बहरहाल, मोसुल की ये जंग अब अपने आखिरी दौर में है। यकीनन इराक़ी सेना के बढ़ते कदमों की वजह से आईएस के आतंकियों को अब छुपने की जगह कम पड़ने लगी है।
First published: January 13, 2017
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