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'बड़े होकर महिलाओं से करेंगे यौन हिंसा', इस डर से मां ने तीन बेटों को मार डाला

News18Hindi
Updated: November 20, 2019, 7:44 PM IST
'बड़े होकर महिलाओं से करेंगे यौन हिंसा', इस डर से मां ने तीन बेटों को मार डाला
ब्रिटनी ने बेटे नोह का शव मिलने के बाद ही तीनों मासूमों की हत्‍या करने की बात स्‍वीकार कर ली थी.

अमेरिका (US) के ओहियो (Ohio) की रहने वाली 27 साल की ब्रिटनी रेनी पिल्किंगटन (Brittany Renee Pilkington) को अपराध (Crime) के लिए 37 साल कैद (Prison) की सजा सुनाई गई है. इससे पहले ब्रिटनी ने मंगलवार को अपना अपराध स्‍वीकार कर लिया. उसने अपने तीनों बेटों की हत्‍या कुछ महीने के अंतराल पर की थी.

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  • Last Updated: November 20, 2019, 7:44 PM IST
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ओहियो. अमेरिका के ओहियो (Ohio) की रहने वाली ब्रिटनी रेनी पिल्किंगटन (Brittany Renee Pilkington) को डर था कि कहीं उसके बेटे महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा (Sexual violence) करने वाले न बन जाएं. इस डर के चलते 27 साल की ब्रिटनी ने अपने तीनों मासूम बेटों की हत्‍या (Killed) कर डाली. उसने मंगलवार को अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को स्‍वीकार (Pleaded Guilty) कर लिया. उसने अपने तीनों बेटों की हत्‍या अलग-अलग समय पर की थी. इसके बाद ब्रिटनी को इस अपराध के लिए 37 साल कैद की सजा सुनाई गई है.

मां के बॉयफ्रेंड ने ब्रिटनी का 17 साल की उम्र में किया था यौन उत्‍पीड़न
ब्रिटनी का 3 महीने का बेटा नोह अगस्त, 2015 में मृत मिला था. वहीं, 4 साल के बेटे गैविन की मौत अप्रैल, 2015 में हुई थी. डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अन्य मासूम नायल की मौत जुलाई, 2014 में हुई थी. ब्रिटनी ने नोह का शव मिलने के बाद ही अपने तीनों बेटों की हत्‍या करने की बात स्‍वीकार कर ली थी. ब्रिटनी ने पुलिस से कहा था कि वह अवसाद (Depression) में थीं. उसे लग रहा था कि उसके बच्चे बड़े होकर महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा करेंगे. ब्रिटनी के साथ 17 साल की उम्र में उसकी मां के बॉयफ्रेंड जोसेफ पिल्किन्गटन (Joseph Pilkington) ने ही यौन शोषण किया था. 47 साल का जोसेफ उस वक्‍त ब्रिटनी से उम्र में 20 साल बड़ा था.

ब्रिटनी ने शुरुआत में स्‍वीकार नहीं किए थे खुद पर लगाए गए आरोप

जोसेफ ने बाद में ब्रिटनी से शादी भी कर ली. जोसेफ ने कोर्ट में स्वीकार किया कि उसने शादी से पहले ही नाबालिग ब्रिटनी से संबंध बनाए थे. जोसेफ को हत्‍या के मामले में संदिग्‍ध नहीं माना गया है. लोगन काउंटी प्रॉसिक्‍यूटर (Logan County Prosecutor) ने दावा किया, 'ब्रिटनी ने अपने बेटों की हत्‍या सिर्फ इसलिए कर दी क्‍योंकि उसका पति उसके और उसकी बेटी की तरफ बिलकुल ध्‍यान नहीं देता था.' बता दें कि शुरुआत में ब्रिटनी ने अपना अपराध स्‍वीकार नहीं किया था. इस पर सरकारी वकील ने आनुवंशिक परीक्षण (Genetic Test) कराने की मांग की. उन्‍होंने कहा कि इन हत्‍याओं के लिए आनुवंशिक विकृति (Genetic Disorders) जिम्‍मेदार है.

बचाव पक्ष के वकील ने कहा - जेल में बिताएगी ज्‍यादा सुरक्षित जीवन
ब्रिटनी के वकील कोर्ट गैटर्डम ( Kort Gatterdam) ने कहा कि ब्रिटनी लंबे वक्त तक यौन हिंसा की शिकार रही थी. इससे उसे उसके परिजन, सोशल सर्विस एजेंसीज और उसका स्‍कूल भी नहीं उबार पाया. एक जांच में उसका ब्रेन डैमेज (Brain Damage) होने की बात सामने आई थी. उन्‍होंने कहा, शुक्र है कि अब वह जेल में बाहरी दुनिया के मुकाबले ज्‍यादा सुरक्षित जीवन बिताएगी. उसकी एक वकील टीना मैक्‍फॉल (Tina McFall) ने यह भी कहा कि उसे अपने बच्चों के खोने का दुख है. वह रोज शोक मनाती है. जज मार्क कॉनोर (Judge Mark Connor) ने आदेश दिया कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए ब्रिटनी की तीनों मामलों में सजा एक के बाद एक चलेंगी.ये भी पढ़ें:

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First published: November 20, 2019, 7:39 PM IST
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