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अफगानिस्तान में तालिबान सरकार! मुल्ला अब्दुल गनी बरादर को कमान, जानें सबकुछ

शेर मोहम्मज स्तानिकजई के साथ मुल्ला अब्दुल गनी बरादर ((AP Photo/Alexander Zemlianichenko))

शेर मोहम्मज स्तानिकजई के साथ मुल्ला अब्दुल गनी बरादर ((AP Photo/Alexander Zemlianichenko))

तालिबान के सह-संस्थापकों में से एक मुल्ला अब्दुल गनी बरादर (Mullah Abdul Ghani Baradar) को साल 2010 में दक्षिणी पाकिस्तानी शहर कराची में सुरक्षा बलों ने पकड़ लिया था.

  • News18Hindi
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    काबुल. अफगानिस्तान में तालिबान के कम से कम तीन सूत्रों ने कहा कि तालिबान के राजनीतिक कार्यालय के प्रमुख मुल्ला बरादर (Mullah Abdul Ghani Baradar) अफगानिस्तान में नई सरकार का नेतृत्व करेंगे. तालिबान सूत्रों के हवाले से अल-अरेबिया न्यूज की खबर के अनुसार मुल्ला बरादर को अफगानिस्तान की नई सरकार की कमान मिली है. सूत्रों ने बताया कि तालिबान के दिवंगत संस्थापक मुल्ला उमर के बेटे मुल्ला मोहम्मद याकूब और शेर मोहम्मद अब्बास स्तानिकजई भी सरकार में वरिष्ठ पद संभालेंगे. तालिबान के सह-संस्थापकों में से एक मुल्ला अब्दुल गनी बरादर को साल 2010 में दक्षिणी पाकिस्तानी शहर कराची में सुरक्षा बलों ने पकड़ लिया था और 2018 में रिहा कर था.

    बता दें कि तालिबान काबुल में ईरान की तर्ज पर नई सरकार का निर्माण कर रहा है. पीटीआई के मुताबिक समूह के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा है कि तालिबान के सबसे बड़े धार्मिक नेता मुल्ला हेबतुल्ला अखुंदजादा को अफगानिस्तान का सर्वोच्च नेता बनाया जाएगा. तालिबान के ‘सूचना एवं संस्कृति आयोग’ के वरिष्ठ अधिकारी मुफ्ती इनामुल्ला समांगनी ने बुधवार को कहा, “नई सरकार बनाने पर बातचीत लगभग अंतिम दौर में है और मंत्रिमंडल को लेकर भी चर्चा हुई.” उन्होंने कहा कि अगले तीन दिन में काबुल में नई सरकार बनाने के लिए समूह पूरी तरह तैयार है.

    नई सरकार में 60 वर्षीय मुल्ला अखुंदजादा तालिबान सरकार के सर्वोच्च नेता होंगे. ईरान में नेतृत्व की तर्ज पर यह व्यवस्था की जाएगी, जहां सर्वोच्च नेता देश का सबसे बड़ा राजनीतिक और धार्मिक प्राधिकारी होता है. उसका पद राष्ट्रपति से ऊपर होता है और वह सेना, सरकार तथा न्याय व्यवस्था के प्रमुखों की नियुक्ति करता है. देश के राजनीतिक, धार्मिक और सैन्य मामलों में सर्वोच्च नेता का निर्णय अंतिम होता है.

    समांगनी ने कहा, “मुल्ला अखुंदजादा सरकार के सर्वोच्च नेता होंगे और इस पर कोई सवाल नहीं होना चाहिए.” उन्होंने संकेत दिया कि राष्ट्रपति अखुंदजादा के अधीन काम करेंगे. मुल्ला अखुंदजादा तालिबान के सबसे बड़े धार्मिक नेता हैं और पिछले 15 साल से बलूचिस्तान प्रांत के कचलाक क्षेत्र में स्थित एक मस्जिद में कार्यरत हैं. समांगनी ने कहा कि नई सरकार के तहत, गवर्नर प्रांतों के प्रमुख होंगे और ‘जिला गवर्नर’ अपने जिले के प्रभारी होंगे.

    तलिबान ने पहले ही प्रांतों और जिलों के लिए गवर्नरों, पुलिस प्रमुखों और पुलिस कमांडरों की नियुक्ति कर दी है. उन्होंने कहा कि नई प्रशासन प्रणाली का नाम, राष्ट्रीय झंडा और राष्ट्र गान पर अभी फैसल लिया जाना बाकी है. इस बीच दोहा में तालिबान के राजनीतिक कार्यालय में उप नेता शेर मोहम्मद अब्बास स्तानिकजई ने बृहस्पतिवार को विदेशी मीडिया चैनलों को बताया कि नई सरकार में अफगानिस्तान के सभी कबीलों के सदस्यों और महिलाओं को शामिल किया जाएगा.

    उन्होंने कहा, “जो कोई भी पिछले 20 साल में अफगानिस्तान में पूर्ववर्ती सरकारों में शामिल था उसे नए तालिबान प्रशासन में जगह नहीं मिलेगी.” उन्होंने कहा कि मुल्ला अखुंदजादा कंधार से सरकार का कामकाज देखेंगे. उन्होंने कहा कि तालिबान यूरोपीय संघ, अमेरिका और भारत से दोस्ताना संबंध चाहता है तथा इसके लिए दोहा में तालिबान का राजनीतिक कार्यालय विभिन्न देशों के संपर्क में है.

    स्तानिकजई ने कहा कि अगले 48 घंटे में हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर परिचालन शुरू हो जाएगा और वैध दस्तावेजों के साथ आए लोगों को देश छोड़ने की अनुमति दी जाएगी. उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे की मरम्मत के लिए ढाई से तीन करोड़ अमेरिकी डॉलर का खर्च आयेगा.

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