कट्टरपंथी मुस्लिमों ने 3 दिन की बच्ची की लाश को कब्र से निकालकर सड़क पर फेंका

कट्टरपंथी मुस्लिमों ने 3 दिन की बच्ची की लाश को कब्र से निकालकर सड़क पर फेंका
अहमदिया समुदाय की बच्ची की लाश को कब्र से निकालकर फेंका

बांग्लादेश (Bangladesh) में मुस्लिम कट्टरपंथियों की एक भीड़ ने 3 दिन की बच्ची के शव को कब्र से निकल कर इसलिए सड़क पर फेंक दिया क्योंकि वो अहमदिया समुदाय (Ahmadi sect) के एक परिवार में पैदा हुई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 16, 2020, 11:52 AM IST
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ढाका. बांग्लादेश (Bangladesh) में एक बेहद चौंकाने वाप मामला सामने आया है. यहां मुस्लिम कट्टरपंथियों की एक भीड़ ने 3 दिन की बच्ची के शव को कब्र से निकल कर इसलिए सड़क पर फेंक दिया क्योंकि वो अहमदिया समुदाय (Ahmadi sect) के एक परिवार में पैदा हुई थी. मिली जानकारी के मुताबिक अहमदिया समुदाय की बच्ची को गांव में दफनाए जाने पर सुन्नी मुस्लिम समुदाय के लोग भड़क गए और शव को कब्र से निकालकर सड़क पर फेंक दिया.

डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक सुन्नी कट्टरपंथी मुसलमानों को ये कबूल नहीं था कि अहमदिया समुदाय का कोई शव उनके गांव में दफनाया जाए. ये घटना बांग्लादेश के ब्राह्मणबेरिया (Brahmanbaria) जिले की बताई जा रही है. रिपोर्ट के मुतबिक बच्ची का जन्म तीन दिन पहले ही हुआ था और नेचुरल कारणों से ही उसकी मौत हुई थी. इसके बाद अहमदिया समुदाय के लोगों ने बच्ची को पास ही के कब्रिस्तान में दफना दिया था. हालांकि इससे सुन्नी कट्टरपंथी भड़क गए और उन्होंने कब्र खोदकर शव निकला और उसे सड़क पर फेंक दिया.

मस्जिद से हुआ था ऐलान
बच्ची के पिता सैफुल इस्लाम ने बांग्लादेशी मीडिया से बताया कि अहमदिया लोगों से नफरत करने वाले सुन्नी कट्टरपंथियों ने बच्ची का शव निकाल कर फेंका है. उन्होंने कहा कि बच्ची को दफनाने के बाद दो स्थानीय मस्जिदों से इस बारे में ऐलान किया गया और एक भीड़ इकठ्ठा हो गयी. इसी भीड़ ने कब्र से बच्ची के शव को निकल कर फेंक दिया. सैफुल ने बताया कि उन्हें मजबूरी में बच्ची के शव को गांव की सीमा से दूर दफनाना पड़ा.
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सैफुल के रिश्तेदारों ने बताया कि लोग काफी हिंसक हो रहे थे इसलिए किसी ने भी उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की. स्थानीय अहमदिया नेता एसएम सलीम ने कहा कि बच्ची का अपराध सिर्फ इतना था कि वह एक अहमदिया के घर इमं पैदा हुई थी. पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है. बता दें कि दुनिया भर में 1 करोड़ के आस-पास अहमदिया मुस्लिमों की आबादी है और ये 200 से ज्यादा देशों में रहते हैं. बांग्लादेश, इंडोनेशिया और पाकिस्तान में इस समुदाय पर अत्याचार की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं.
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