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इमरान खान ने की इकबाल की तारीफ, कहा- इस उपमहाद्वीप के मुसलमान हमेशा रहेंगे कर्जदार

भाषा
Updated: November 9, 2019, 8:23 PM IST
इमरान खान ने की इकबाल की तारीफ, कहा- इस उपमहाद्वीप के मुसलमान हमेशा रहेंगे कर्जदार
पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने शायर अल्लामा इकबाल की तारीफ की है (फाइल फोटो)

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने कहा कि इकबाल (Iqbal) ने इस उपमहाद्वीप (Sub Continent) के मुसलमानों (Muslims) को अपनी गुम पहचान को फिर से हासिल करने के वास्ते संघर्ष के लिए एक ठोस वैचारिक आधार प्रदान किया.

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इस्लामाबाद. पाकिस्तान (Pakistan) के राष्ट्रकवि अल्लामा इकबाल (Muhammad Iqbal) की 142 वीं जयंती पर प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने शनिवार को कहा कि इस उपमहाद्वीप के मुसलमान (Muslims) उनके अमूल्य योगदानों को लेकर हमेशा उनके कर्जदार रहेंगे.

इस मौके पर अपने संदेश में प्रधानमंत्री (PM) इमरान ने कहा कि इकबाल ने इस उपमहाद्वीप (Sub Continent) के मुसलमानों में नयी भावना जगायी, उनकी चिंतन प्रक्रिया बदली और उन्हें अपनी गुम पहचान को फिर से हासिल करने के वास्ते संघर्ष के लिए एक ठोस वैचारिक आधार प्रदान किया.

'उपमहाद्वीप के मुसलमानों के लिए देखा था पृथक होमलैंड का सपना'
सरकारी रेडियो पाकिस्तान (Radio Pakistan) के अनुसार उन्होंने कहा कि समाज को नुकसान पहुंचा रही और उसकी प्रगति में बाधा पहुंचा रही बुराइयों का हल ढूंढने के लिए इकबाल (Iqbal) के संदेशों की तरफ पलटने का यही सही समय है.

इमरान खान ने कहा कि उपमहाद्वीप के मुसलमान इस महान दूरद्रष्टा नेता की अमूल्य सेवाओं को लेकर सदैव उनका कर्जदार रहेगा. उन्होंने कहा कि इस महान नेता ने इस उपमहाद्वीप के मुसलमानों के लिए पृथक होमलैंड (Separate Homeland) का सपना भी देखा था और इस्लाम के संदेशों की सच्ची समझ के प्रति योगदान दिया.

नौ नवंबर, 1877 को सियालकोट (Sialkot) में पैदा हुए इकबाल को उपमहाद्वीप की सर्वाधिक महत्वपूर्ण साहित्यिक हस्तियों में से एक माना जाता है. उन्होंने उर्दू और पारसी भाषाओं में अपनी साहित्यिक कृतियों की रचना की. उन्हें शायर-ए-मशरिक (पूर्व का शायर) कहा जाता है. उनका 21 अप्रैल 1938 को निधन हुआ था.

‘सिख समुदाय के लिए खोल रहे हैं दिल के दरवाजे’
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इमरान खान ने गुरुनानक देव (Guru Nanak Dev) के 550वें प्रकाश पर्व पर सिख समुदाय को बधाई देते हुए कहा कि करतारपुर गलियारे का खुलना ऐतिहासिक है और यह क्षेत्रीय शांति के लिए पाकिस्तान की प्रतिबद्धता का सबूत है. उन्होंने कहा, ‘ हम मानते हैं कि क्षेत्र में खुशहाली और आने वाली पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य का रास्ता शांति में है. आज हम केवल सीमा ही नहीं खोल रहे हैं, बल्कि सिख समुदाय के लिए दिल के दरवाजे भी खोल रहे हैं.’

इमरान खान ने कहा कि सौहार्द के लिए उनकी सरकार की अनोखी पहल दिखाता है कि वह गुरु नानक देव और सिख समुदाय (Sikh Community) की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करती है. उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान मानता है कि धर्मों के बीच सौहार्द और शांतिपूर्ण सह अस्तित्व से इस उपमहाद्वीप के लोगों के वृहद हित में काम करने के मौके मिलेंगे.

पहले जत्थे में 5,000 श्रद्धालु, पहले जत्थे में सीएम अमरिंदर भी शामिल
इस पहले जत्थे में अकाल तख्त के जत्थेदार हरप्रीत सिंह, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Amrinder Singh), पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल भी शामिल हैं. शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी (SGPC) के सदस्य और पंजाब के सभी 117 विधायक और सांसद भी इस जत्थे का हिस्सा हैं. उल्लेखनीय है कि तनावपूर्ण संबंध होने के बावजूद भारत और पाकिस्तान ने पिछले महीने करार किया था जिससे करतारपुर गलियारे के उद्घाटन का रास्ता साफ हुआ. करार के तहत पाकिस्तान रोजाना 5,000 श्रद्धालुओं को गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन करने की अनुमति देगा.

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First published: November 9, 2019, 8:23 PM IST
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