म्यांमार तख्तापलट: सेना की एक और हिमाकत, सांसदों को घोषित किया राजद्रोही और आतंकवादी

म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के खिलाफ यंगून में प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस छोड़ते सुरक्षाबल के जवान. (AP/1 March 2021)

म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के खिलाफ यंगून में प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस छोड़ते सुरक्षाबल के जवान. (AP/1 March 2021)

Myanmar Coup: म्यांमार में सेना ने तख्तापलट करते हुए देश की असैन्य नेता आंग सान सू ची और अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया था.

  • ए पी
  • Last Updated: May 9, 2021, 12:30 PM IST
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बैंकॉक. म्यांमार की सेना ने फरवरी को किए गए तख्तापलट के बाद अपदस्थ हुए सांसदों एवं नेताओं की छद्म सरकार और सुरक्षा बलों का सामना करने के लिए गठित ‘पीपल्स डिफेंस फोर्स’ को ‘आतंकवादी संगठन’ करार दिया है.

म्यांमार में सेना ने तख्तापलट करते हुए देश की असैन्य नेता आंग सान सू ची और अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया था. इस सैन्य तख्तापलट के बाद अपदस्थ हुए निर्वाचित नेताओं ने ‘अंतरिम राष्ट्रीय एकता’ की छद्म सरकार बनाई है.

जुंटा ने इन नेताओं को राजद्रोही करार दिया और सरकारी टीवी चैनल पर शनिवार को घोषणा की कि सविनय अवज्ञा आन्दोलन में हिस्सा लेने के लिए इन नेताओं को आतंकवादी करार दिया जाता है. बड़ी संख्या में लोग प्राधिकारियों की कड़ी कार्रवाई के बावजूद सैन्य तख्तापलट के विरोध में सड़कों पर रोजाना प्रदर्शन करके इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं. छद्म सरकार ने पिछले सप्ताह ‘पीपल्स डिफेंस फोर्स’ के गठन की घोषणा की थी.

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