म्यांमार के सैन्य शासन ने इंटरनेट पर बढ़ाई पाबंदी, सैटेलाइट टीवी डिशों को किया गया जब्त

म्यांमार में इन दिनों लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं (फ़ाइल फोटो)

म्यांमार में इन दिनों लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं (फ़ाइल फोटो)

Myanmar military rule: म्यांमार में एक फरवरी को हुए सैन्य तख्तापलट के खिलाफ प्रदर्शन गुरुवार को भी जारी रहे जिनमें एक दिन पहले ही सुरक्षा बलों ने 11 लोगों को मार दिया था.

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यांगून. म्यांमार के सैन्य शासन में सूचना पर बंदिशें गुरुवार को और बढ़ गयीं और कई नेटवर्कों पर फाइबर ब्रॉडबैंड सेवा मिल नहीं पा रही है. कुछ इलाकों में अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समाचार प्रसारण की सुविधा पाने के लिए इस्तेमाल सैटेलाइट डिशों को भी जब्त करना शुरू कर दिया है.

म्यांमार में एक फरवरी को हुए सैन्य तख्तापलट के खिलाफ प्रदर्शन गुरुवार को भी जारी रहे जिनमें एक दिन पहले ही सुरक्षा बलों ने 11 लोगों को मार दिया था. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कम से कम दो सेवा प्रदाताओं एमबीटी तथा इन्फाइनाइट नेटवर्कों के लिए इंटरनेट सेवाओं में अवरोध क्या अस्थायी है. एमबीटी ने कहा कि यांगून तथा मांडले के बीच लाइन टूटने की वजह से उसकी सेवा बाधित हुई है. ये दोनों देश के दो सबसे बड़े शहर हैं.

तख्ता पलट के बाद सेवाओं पर लगाई गई पाबंदी
हालांकि, इंटरनेट उपयोगकर्ता पिछले सप्ताह सेवाओं में इस व्यापक अवरोध के लिए शिकायत कर रहे हैं. सैन्य जुंटा ने तख्ता पलट के बाद से इंटरनेट सेवाओं को अवरुद्ध करना शुरू कर दिया था. सूचना के स्रोत के तौर पर सैटेलाइट टीवी के उपयोग पर भी खतरा मंडरा रहा है.
3000 लोग न्यूजीलैंड भाग गए


म्‍यांमार (Myanmar) में एक फरवरी को तख्‍तापलट के बाद सेना ने लोकतंत्र समर्थकों के खिलाफ जमकर तांडव मचाया है. म्यांमार के नागरिक दूसरे देशों में शरण लेने के लिए मजबूर हैं. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, म्यांमार के दक्षिणपूर्वी करेन राज्य में एक जातीय सशस्त्र समूह कार्यकर्ता समूह और स्थानीय मीडिया द्वारा रखे गए क्षेत्र पर स्थानीय सेना द्वारा हवाई हमले किए गए. क्षेत्र में इस तरह का हवाई हमला होने के बाद वहां रहने वाले लगभग 3,000 ग्रामीण परिवार समेत न्यूजीलैंड भाग गए हैं.

म्यांमार में अब तक सैकड़ों लोगों की मौत
तख्तापलट के बाद से 420 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. करीब पांच दशक के सैन्य शासन के बाद लोकतांत्रिक की दिशा में हुई प्रगति पर इस सैन्य तख्तापलट ने विपरीत असर डाला है. प्रदर्शनकारियों पर यह कार्रवाई ऐसे समय हुई जब म्यांमा की सेना ने देश की राजधानी नेपीता में परेड के साथ वार्षिक सशस्त्र बल दिवस का अवकाश मनाया.
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