Home /News /world /

जलवायु परिवर्तन पर G20 नेताओं में आम सहमति, ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने पर समझौता

जलवायु परिवर्तन पर G20 नेताओं में आम सहमति, ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने पर समझौता

जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान अन्य नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.

जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान अन्य नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.

Narendra Modi at G20 Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जी20 शिखर सम्मेलन से इतर विश्व के अन्य नेताओं के साथ यहां प्रसिद्ध ट्रेवी फाउंटेन का दौरा किया. यह फव्वारा इटली के सबसे अधिक देखे जाने वाले स्मारकों में से एक है और पर्यटकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है.

अधिक पढ़ें ...

    Narendra Modi at G20 Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को जलवायु परिवर्तन पर सत्र के लिए जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया. इस सम्मेलन में जी-20 समूह के नेताओं के बीच ग्लोबल वॉर्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस पर सीमित करने की सहमति बनी. दुनिया के 20 अमीर देशों के नेताओं के बीच हुई इस बैठक में कुछ ठोस कार्रवाई पर भी चर्चा की गई. हालांकि बैठक में शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन को प्राप्त करने के लिए साल 2050 तक की किसी तारीख के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई. वैज्ञानिकों का कहना है कि विनाशकारी जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए यह काफी कार्बन उत्सर्जन को रोकना काफी महत्वपूर्ण है.

    COP26 जलवायु शिखर सम्मेलन के अध्यक्ष ने रविवार को शुरू हुई बैठक की शुरुआत में देशों से ग्लोबल वार्मिंग के सबसे विनाशकारी प्रभावों को रोकने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया. एएफपी ने यह जानकारी दी. आलोक शर्मा ने ऐतिहासिक पेरिस समझौते के तापमान मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि “तापमान को 1.5C तक पहुंच में रखने की आखिरी और सबसे अच्छी उम्मीद” यही शिखर सम्मेलन है. G20 नेताओं ने रविवार को एएफपी द्वारा देखे गए एक मसौदा बयान में लिखा, दुनिया के सबसे उन्नत राष्ट्र साल के अंत तक विदेशों में “निर्बाध” कोयला संयंत्रों को आर्थिक मदद देना बंद कर देंगे.

    G20 नेताओं के अंतिम बयान में जलवायु पर कुछ प्रतिबद्धताओं की पेशकश: रिपोर्ट
    दुनिया 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के समूह के नेता रविवार को एक अंतिम बयान पर सहमत हुए जो ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस पर सीमित करने के लिए “सार्थक और प्रभावी” कार्रवाई का आग्रह करता है, लेकिन इसके साथ ही कुछ ठोस प्रतिबद्धताएं भी प्रदान करता है. अंतिम दस्तावेज में कहा गया है कि उत्सर्जन पर अंकुश लगाने के लिए वर्तमान राष्ट्रीय योजनाओं को “यदि आवश्यक हो” को मजबूत करना होगा और इसमें शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन प्राप्त करने की तारीख के रूप में 2050 का कोई विशेष उल्लेख नहीं है. बयान में कहा गया है, “हम मानते हैं कि 1.5 डिग्री सेल्सियस पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव 2 डिग्री सेल्सियस की तुलना में बहुत कम हैं. 1.5 डिग्री सेल्सियस को पहुंच के भीतर रखने के लिए सभी देशों द्वारा सार्थक और प्रभावी कार्रवाई और प्रतिबद्धता की जरूरत होगी.”

    जी20 में बाइडन ने कहा, सहयोग के ‘नए युग’ में पहुंच रहा है यूएस-ईयू
    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने G20 शिखर सम्मेलन में अपनी टिप्पणी में कहा कि अमेरिका और यूरोपीय संघ सहयोग के ‘नए युग’ में पहुंच रहे हैं. एएफपी की रिपोर्ट में यह कहा गया.

    G20 सम्मेलन से इतर पीएम मोदी ने स्पेन के समकक्ष पेड्रो सांचेज से मुलाकात की
    इटली के राजधानी रोम में G20 शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पेन के पीएम पेड्रो सांचेज से मुलाकात की.

    ये भी पढ़ें- कोविड-19 केस में इजाफा, लॉकडाउन, वायरस का जन्म, जीरो टॉलरेंस नीति; अंतहीन परेशानियों में घिरा चीन

    ‘जलवायु पर G20 नेताओं में बनी अंतिम सहमति’
    G20 के एक अधिकारी ने रविवार को रॉयटर्स को बताया कि 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के समूह के नेता जलवायु को लेकर एक समझौते पर पहुंच गए हैं, जो उनके दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के अंत में जारी किया जाएगा. इस पर और ज्यादा विवरण तुरंत उपलब्ध नहीं हो सके हैं. सूत्रों ने रविवार को पहले कहा था कि जीवाश्म ईंधन सब्सिडी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने, कोयले की शक्ति को समाप्त करने और मुख्य स्टिकिंग बिंदुओं के बीच शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन प्राप्त करने के लिए एक निश्चित तिथि के साथ, राजनयिक ग्लोबल वार्मिंग से निपटने के लिए मतभेदों पर बातचीत कर रहे हैं.

    ग्लासगो में जलवायु सम्मेलन धरती को बचाने का अंतिम मौका: प्रिंस चार्ल्स
    प्रिंस चार्ल्स ने विश्व के नेताओं से बच्चों की हताशा भरी अपील पर ध्यान देने का अनुरोध किया है, जो जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों का सामना करेंगे. उन्होंने कहा कि स्कॉटलैंड के ग्लासगो में रविवार से आरंभ हुआ संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन “सचमुच में पृथ्वी को बचाने का अंतिम मौका है.” चार्ल्स ने रोम में बैठक कर रहे जी20 नेताओं से कहा कि उनके पास भविष्य की पीढ़ियों की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा, “उन बच्चों की आवाज सुनना असंभव नहीं है जो आपको धरती के रक्षक मानते हैं, उनके भविष्य की जिम्मेदारी आपके हाथों में है.” पर्यावरण संरक्षण के पैरोकार चार्ल्स ने कहा, “सरकारों को नेतृत्वकारी भूमिका निभानी चाहिए लेकिन हम जो समाधान चाहते हैं उसकी कुंजी निजी क्षेत्र के पास है.”

    ‘अफगानिस्तान में महिलाओं और लड़कियों की मदद के लिए 5 करोड़ पाउंड देगा ब्रिटेन’
    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने घोषणा की है कि अफगानिस्तान में तालिबान शासन के तहत महिलाओं और लड़कियों की मदद के लिए देश 5 करोड़ पाउंड देगा. उन्होंने कहा, “हमारी जिम्मेदारी है कि हम तालिबान शासन के तहत सबसे अधिक जोखिम वाले अफगानिस्तान में उन लोगों की मदद करें, विशेष रूप से महिलाओं और लड़कियों की. यूके इसी मकसद के लिए 5 करोड़ पाउंड देगा और मैं जी20 से आग्रह करता हूं कि हमारे सभी अंतरराष्ट्रीय विकास प्रयासों में महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों को प्राथमिकता दी जाए.”

    ये भी पढ़ें- दिल्ली के बाद हरियाणा में पटाखों पर बैन, इन 14 जिलों में नहीं होगी आतिशबाजी

    ‘पीएम मोदी की ब्रिटेन यात्रा के साथ नए युग की दहलीज पर द्विपक्षीय संबंध’
    ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त गायत्री इस्सर कुमार ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूके यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब भारत-ब्रिटेन के द्विपक्षीय संबंध सकारात्मक दिशा में और संभावित रूप से एक नए युग की दहलीज पर हैं. मोदी सोमवार और मंगलवार को होने वाले शिखर सम्मेलन के मौके पर अपने ब्रिटिश समकक्ष बोरिस जॉनसन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की योजना के साथ ग्लासगो में संयुक्त राष्ट्र COP26 जलवायु सम्मेलन के विश्व नेताओं के शिखर सम्मेलन (WLS) में भाग लेंगे.

    जलवायु परिवर्तन पर सत्र के लिए जी20 शिखर सम्मेलन स्थल पर पहुंचे प्रधानमंत्री
    जलवायु परिवर्तन पर सत्र के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी20 शिखर सम्मेलन स्थल पहुंच गए हैं.

    प्रधानमंत्री मोदी और जी20 के अन्य नेताओं ने किया ट्रेवी फाउंटेन का दौरा
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जी20 शिखर सम्मेलन से इतर विश्व के अन्य नेताओं के साथ यहां प्रसिद्ध ट्रेवी फाउंटेन का दौरा किया. यह फव्वारा इटली के सबसे अधिक देखे जाने वाले स्मारकों में से एक है और पर्यटकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. ऐतिहासिक फव्वारे ने उन कई फिल्मकारों को आकर्षित किया है, जिन्होंने बारोक कला-शैली वाले इस स्मारक को रूमानी स्थल के प्रतीक के रूप में लोकप्रिय बनाया है. जी20 इटली ने ट्वीट किया, ”जी20 के प्रतिनिधिमंडल के प्रमुखों ने जी20 रोम सम्मेलन के दूसरे दिन की शुरुआत शहर के एक प्रतीकात्मक स्थान ट्रेवी फाउंटेन की सैर के साथ की, जो दुनिया के सबसे खूबसूरत फव्वारों में से एक है.”

    Tags: G20 Summit, Italy, Narendra modi, Rome

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर