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पीएम मोदी ने नई पहल का रखा प्रस्ताव, हिंद प्रशांत में समुद्री क्षेत्र को कैसे रखें सुरक्षित

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Updated: November 5, 2019, 11:43 AM IST
पीएम मोदी ने नई पहल का रखा प्रस्ताव, हिंद प्रशांत में समुद्री क्षेत्र को कैसे रखें सुरक्षित
मोदी ने हिंद प्रशांत सागर क्षेत्र में सुरक्षित समुद्री क्षेत्र बनाने के लिए नई पहल का प्रस्ताव रखा

एशियाई शिखर सम्मेलन में हिंद प्रशांत सागर क्षेत्र में सुरक्षित समुद्री क्षेत्र बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra modi) नई पहल का प्रस्ताव रखा.

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  • Last Updated: November 5, 2019, 11:43 AM IST
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बैंकॉक. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra modi) थाईलैंड की तीन दिवसीय यात्रा पर बैंकॉक (Bangkok) गए हुए हैं. उन्होंने हिंद प्रशांत सागर क्षेत्र में सुरक्षित समुद्री क्षेत्र बनाने के लिए नई पहल का सोमवार को प्रस्ताव रखा और संकेत दिया कि भारत उस क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार है जहां चीन अपनी सैन्य ताकत का विस्तार कर रहा है. आसियान के वर्तमान अध्यक्ष थाईलैंड और आस्ट्रेलिया ने मोदी के प्रस्ताव का स्वागत किया है.

पीएम ने हिंद प्रशांत सागर की पहल का रखा प्रस्ताव
मोदी ने 14वें पूर्वी एशियाई शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन में हिंद प्रशांत सागर की पहल का विचार रखा. उन्होंने कहा कि पूर्वी एशियाई शिखर सम्मेलन सुरक्षा संबंधी मामलों से निपटने के लिए एशिया प्रशांत क्षेत्र में अहम मंच है. इस सम्मेलन में 10 आसियान देशों के अलावा भारत, चीन, जापान, कोरिया गणराज्य, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका और रूस शामिल हैं.

विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी

विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्वी) विजय ठाकुर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने समुद्री क्षेत्र का संरक्षण एवं उसका सतत प्रयोग करने और एक सुरक्षित समुद्री क्षेत्र बनाने के अर्थपूर्ण प्रयास करने के लिए हिंद प्रशांत सागर की पहल का प्रस्ताव रखा. इस पहल के तहत इन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जिनमें समुद्री सुरक्षा बढ़ाने से लेकर समुद्री संसाधनों का सतत प्रयोग एवं संरक्षण, क्षमता निर्माण और व्यापार एवं समुद्री परिवहन मिलकर काम करने जैसे कई मामलों में रुचि रखने वाले देशों के साथ साझीदारी करना शामिल है.

आस्ट्रेलिया ने दिया सुझाव का साथ
सिंह ने बताया कि भारत लगातार इस बात का संकेत देता रहा है कि वह हिंद प्रशांत क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाने का इच्छुक है. इस पहल को विकसित करने के लिए आस्ट्रेलिया ने भारत के साथ मिलकर काम करने की अपनी इच्छा पहले ही व्यक्त कर दी है.
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EAS सेमिनार को चेन्नई में कराने का प्रस्ताव
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में अगले साल चेन्नई में समुद्री सुरक्षा पर ईएएस संगोष्ठी कराने का भी प्रस्ताव रखा. (भाषा इनपुट के साथ)

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First published: November 5, 2019, 11:22 AM IST
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