NASA-SpaceX मिशन: 45 साल में पहली बार 'स्प्लैशडाउन' के जरिए समुद्र में उतरे अंतरक्षियात्री

NASA-SpaceX मिशन: 45 साल में पहली बार 'स्प्लैशडाउन' के जरिए समुद्र में उतरे अंतरक्षियात्री
NASA-SpaceX का संयुक्त मिशन सफल हुआ

Nasa और SpaceX के मिशन के तहत रविवार को दो अंतरिक्ष यात्री रविवार को पानी में उतरने के नाटकीय और पुराने अंदाज में धरती पर वापस लौटे. इनका अंतरिक्षयान पैराशूट की मदद से मेक्सिको की खाड़ी में उतरा था. इसी के साथ एलन मस्क (SpaceX CEO Elon Musk) की स्पेसएक्स कंपनी द्वारा किया गया अभूतपूर्व परीक्षण उड़ान भी समाप्त हुआ.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 3, 2020, 11:19 AM IST
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केप केनवरल. नासा (Nasa) और SpaceX के मिशन के तहत रविवार को दो अंतरिक्ष यात्री रविवार को पानी में उतरने के नाटकीय और पुराने अंदाज में धरती पर वापस लौटे. इनका अंतरिक्षयान पैराशूट की मदद से मेक्सिको की खाड़ी में उतरा था. इसी के साथ एलन मस्क (SpaceX CEO Elon Musk) की स्पेसएक्स कंपनी द्वारा किया गया अभूतपूर्व परीक्षण उड़ान भी समाप्त हुआ. बीते 45 साल में पहली बार ऐसा हुआ, जब नासा का कोई अंतरिक्ष यात्री समुद्र में उतरा है.

अमेरिकी अंतरिक्षयात्रियों द्वारा 45 वर्षों में किया गया यह पहला 'स्पलैशडाउन' (अंतरक्षियान को पैराशूट की मदद से समुद्र में उतारने की विधि) है और वह भी लोगों को कक्षा तक ले जाने और वापस लाने वाले पहले व्यावसायिक रूप से निर्मित एवं संचालित अंतरक्षियान के साथ. अंतरक्षियान और यात्रियों की सकुशल वापसी स्पेसएक्स के अगले महीने होने वाले एक और क्रू प्रक्षेपण तथा अगले साल की संभावित पर्यटक उड़ानों का रास्ता साफ करती है. परीक्षण पायलट डोग हर्ले और बॉब ब्हेनकेन स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरक्षियान 'एंडेवर' में धरती पर लौटे. इससे कुछ ही घंटों पहले वे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र से रवाना हुए थे और दो महीने पहले ही उन्होंने फ्लोरिडा से केंद्र के लिए उड़ान भरी थी. यह यान पेनसाकोला तट से करीब 40 मील दूर खाड़ी के शांत पानी में उतरा. फ्लोरिडा के अंटलांटिक तट जहां उष्णकटिबंधीय तूफान इसायस का कहर बरस रहा है, वह इस जगह से सैकड़ों मील दूर है. स्पेसएक्स मुख्यालय से मिशन कंट्रोल ने उनकी वापसी पर कहा, 'धरती पर आपका फिर से स्वागत है और स्पेसएक्स कायान उड़ाने के लिए आपका धन्यवाद.'


अगले अभियान का रास्ता साफ़इस वापसी के साथ ही स्पेस एक्स के अगले महीने के अभियान का रास्ता भी साफ हो गया है. परीक्षण उड़ान के पायलट डाउ हर्ले और बॉब बेहनकेन शनिवार रात को ही अंतरराष्ट्रीय अतंरिक्ष केंद्र से धरती के लिए रवाना हुए थे और एक दिन से भी कम समय में धरती पर पहुंच गए. इससे पहले बताया गया कि ड्रैगन नाम के कैप्सूल को चालक दल ने इंडिवर नाम दिया है जो पृथ्वी की कक्षा से 28 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धरती की ओर आया और उसने 560 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वायुमंडल में प्रवेश किया और अंतत: 24 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से मेक्सिको की खाड़ी में उतरा.



इस दौरान वायुमंडल में घर्षण की वजह से कैप्सूल के बाहरी सतह का तापमान 1900 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. पृथ्वी की ओर लौटते समय कैप्सूल पर चार से पांच गुना अधिक गुरुत्वाकर्षण बल महसूस किया गया. समुद्र में कैप्सूल के गिरने के बाद उसे बाहर निकालने के लिए स्पेसएक्स का जहाज 40 कर्मचारियों के साथ तैनात था जिसमें डॉक्टर, नर्स आदि मौजूद थे. महामारी में अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर पोत पर सवार सभी 40 कर्मचारियों को ड्यूटी पर भेजने से पहले 14 दिनों के लिए पृथक-वास में रखा गया था और उनकी कोविड-19 जांच की गई थी. स्पेसएक्स ने पहले बताया था कि समुद्र में कैप्सूल के पास आधे घंटे में पोत पहुंच जाएगा और उन्हें निकालने के लिए अतरिक्त समय लगेगा. फ्लाइट सर्जन सबसे पहले कैप्सूल का मुआयना करेंगे. इसके बाद कैप्सूल को खोला जाएगा और अंतरिक्ष यात्रियों की चिकित्सा जांच होगी और फिर वे ह्यूस्टन स्थित अपने घर के लिए उड़ान भरेंगे. उल्लेखनीय है कि इससे पहले नासा के अंतरिक्ष यात्री 24 जुलाई 1975 को अंतरिक्ष से पानी में लौटे थे.
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