1.5Km बड़ा उल्का पिंड 12Km/सेकेंड की रफ़्तार से आ रहा है, NASA अलर्ट पर

1.5Km बड़ा उल्का पिंड 12Km/सेकेंड की रफ़्तार से आ रहा है, NASA अलर्ट पर
धरती की तरफ तेजी से आ रहा है आधा किलोमीटर बड़ा एक उल्का पिंड

ये उल्का पिंड 21 मई को धरती की कक्षा में प्रवेश करेगा. ये उल्का पिंड 16 जनवरी 1997 को पहली बार नज़र में आया था और तभी से नासा ने इसे अलर्ट पर डाला हुआ है.

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न्यूयॉर्क. नासा (NASA) के सेंटर फॉर नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट स्टडीज ने बताया है कि एक 1.5 किलोमीटर बड़ा उका पिंड (Asteroid) तेजी से धरती की तरफ आ रहा है. ये उल्का पिंड 21 मई को धरती की कक्षा में प्रवेश करेगा. ये उल्का पिंड 16 जनवरी 1997 को पहली बार नज़र में आया था और तभी से नासा ने इसे अलर्ट पर डाला हुआ है. ऐसे 2000 से ज्यादा उल्का पिंड है जिन्हें नासा की संस्थाएं ट्रेक कर रहीं हैं. हालांकि इस उल्का पिंड से किसी भी तरह के नुकसान का कोई अनुमान नहीं है.

नासा के मुताबिक इस उल्का पिंड का आकार 670 मीटर से 1.5 किलोमीटर के बीच है. इसकी लंबाई 4921 फीट जबकि चौड़ाई 2198फीट मापी गयी है. ये अपोलो क्लास का उल्का पिंड है जिसका नाम नासा ने 'नियो; रखा है. ये गुरूवार 21 मई को शाम 9:45 बजे धरती की कक्षा में प्रवेश करने वाला है. नासा के अनुमान के मुताबिक इस उल्का पिंड की गति 11.68 किलोमीटर प्रति सेकेंड या फिर 26,127 मील प्रति घंटा के आस-पास होगी.

अलर्ट जारी लेकिन खतरा नहीं
डेली स्टार में छपी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि नासा के नेशनल नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट स्ट्रेटजी विभाग के मुताबिक 1 किलोमीटर से बड़े किसी भी उल्का पिंड के धरती की कक्षा में दाखिल होने की स्थिति में चेतावनी जारी की जाती है. अगर इतना बड़ा कोई भी उल्का पिंड धरती से टकरा गया तो विनाश हो सकता है. इनके टकराने से भूकंप, सुनामी और कई तरह की आपदाएं जन्म ले सकती हैं. डायनोसॉर के धरती से ख़त्म होने के पीछे एक 10 किलोमीटर बड़ा एक उल्का पिंड था.



 



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