NASA के पर्सीवरेंस रोवर का नया कारनामा, मंगल पर बना दी ऑक्सीजन

अपने पहले रन में MOXIE ने 5 ग्राम ऑक्सीजन तैयार की. (फाइल फोटो: NASA/JPL-Caltech)

अपने पहले रन में MOXIE ने 5 ग्राम ऑक्सीजन तैयार की. (फाइल फोटो: NASA/JPL-Caltech)

Perseverance Rover: नासा के अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी मिशन निदेशालय के एसोसिएट प्रशासक जिम रॉयटर ने कहा 'मंगल पर कार्बन डायऑक्साइड को ऑक्सीजन (Oxygen) में बदलने का यह पहला अहम कदम है.'

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  • Last Updated: April 22, 2021, 10:16 AM IST
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वॉशिंगटन. मंगल (Mars) पहुंचा नासा (NASA) का पर्सीवरेंस रोवर लगातार नई खोज कर रहा है. हाल ही में रोवर ने वायुमंडल की कुछ कार्बन डाय ऑक्साइड (Carbon Dioxide) को ऑक्सीजन में बदलकर इतिहास रच दिया है. अमेरिकी स्पेस एजेंसी के मुताबिक, किसी अन्य ग्रह पर पहली बार ऐसा हुआ है. यह टेक्नोलॉजी डेमो 20 अप्रैल को हुआ. इससे भविष्य में होने वाली खोज का रास्ता तैयार कर सकता है.

नासा के स्पेस टेनासा के अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी मिशन निदेशालय के एसोसिएट प्रशासक जिम रॉयटर ने कहा 'मंगल पर कार्बन डायऑक्साइड को ऑक्सीजन में बदलने का यह पहला अहम कदम है.' कहा जा रहा है कि यह प्रक्रिया न केवल भविष्य के अंतरिक्ष यात्रियों के लिए ऑक्सीजन तैयार कर सकती है. बल्कि वापसी की यात्रा के लिए पृथ्वी से ऑक्सीजन की ढुलाई के काम से छुटकारा दिला सकती है.



Mars Oxygen In-Situ Resource Utilization Experiment यानि MOXIE एक तरह को सुनहरा कार की बैटरी के आकार का एक बॉक्स है. यह रोवर के अगले हिस्से के अंदर लगा हुआ है. 'मैकेनिकल ट्री' कही जाने वाली यह चीज कार्बन डायऑक्साइड मॉलेक्यूल को तोड़ने के लिए बिजली और केमिस्ट्री का इस्तेमाल करती है. साथ ही यह बायप्रोडक्ट के तौर पर कार्बन मोनोक्साइड भी तैयार करती है.


अपने पहले रन में MOXIE ने 5 ग्राम ऑक्सीजन तैयार की. यह आम गतिविधियों में लगे एक एस्ट्रोनॉट के लिए 10 मिनट के लिए सांस लेने योग्य ऑक्सीजन के बराबर है. MOXIE के इंजीनियर्स अब और आगे के टेस्ट रन पर विचार कर रहे हैं. इसे प्रति घंटे 10 ग्राम ऑक्सीजन बनाने के हिसाब से तैयार किया गया है. इसपर लगी सोने की पतली कोटिंग इस बात को सुनिश्चित करती है कि ये गर्मी को रेडियेट नहीं करेगा और रोवर को गर्म नहीं करेगा. लाल ग्रह पर पर्सीवरेंस ने 18 फरवरी को लैंड किया था.
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