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नवाज शरीफ ने इलाज के लिए विदेश जानें से किया इनकार, इमरान की शर्तों को बताया 'गैरकानूनी'

शरीफ (Sharif) लंदन में अपना इलाज कराने के लिए सरकार को 700 करोड़ रुपये का कोई क्षतिपूर्ति बॉन्ड नहीं देंगे. उन्होंने सरकार के इस फैसले को गैरकानूनी बताया. उनसे यह बॉन्ड ‘उड़ान प्रतिबंध सूची’ (Exit Control List) से नाम हटाने के लिए मांगा है.

Hindi.news18.com | November 13, 2019, 3:39 PM IST
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Last Updated November 13, 2019

हाइलाइट्स

लाहौर. पाकिस्तान (Pakistan) के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (Nawaz Sharif) ने इलाज हेतु ब्रिटेन जाने के लिए 700 करोड़ रुपये के क्षतिपूर्ति बॉन्ड जमा कराने की इमरान खान सरकार की मांग मानने से बुधवार को इनकार कर दिया और कहा कि यह गैरकानूनी है. शरीफ कई दिनों से बीमार चल रहे हैं, शरीफ ने अपने स्वास्थ्य के मुद्दे पर राजनीति करने की कोशिशों की निंदा भी की. शरीफ शुक्रवार को डॉक्टरों की सलाह और परिवार के आग्रह को मानकर उपचार के लिए ब्रिटेन जाने पर सहमत हो गए थे. उन्हें रविवार को पाकिस्तान इंटरनेशनल एअरलाइंस (पीआईए) की उड़ान से लंदन जाना था, लेकिन वह ईसीएल में अपना नाम होने के कारण ऐसा नहीं कर पाए.

मंत्रिमंडल ने रखी ये ऐसी शर्त
पाकिस्तान के मंत्रिमंडल (Pakistan Cabinet) ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को इलाज कराने के लिये विदेश जाने की अनुमति देने का फैसला किया. हालांकि मंत्रिमंडल ने साथ ही यह शर्त भी रख दी कि अगर वह इलाज कराकर वापस लौटने और भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करने का वादा करते हुए जमानत पत्र पर हस्ताक्षर करते हैं तो ही उन्हें इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति दी जाए. प्रधानमंत्री खान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में शरीफ का नाम ‘उड़ान प्रतिबंध सूची’ (Exit Control List - ईसीएल) से हटाने की मंजूरी दी गयी.

शरीफ ने क्षतिपूर्ति बॉन्ड देने से किया मना
पीएमएल-एन के एक नेता ने शरीफ के हवाले से कहा कि हमने सरकार को बता दिया है कि शरीफ लंदन में अपना इलाज कराने के लिए उड़ान प्रतिबंध सूची से अपना नाम हटाने के लिए सरकार को 700 करोड़ रुपये का कोई क्षतिपूर्ति बॉन्ड नहीं देंगे. उन्होंने कहा, नवाज शरीफ का कहना है कि सरकार की यह मांग गैरकानूनी है. इस नेता ने यह भी कहा कि नवाज शरीफ ने अपनी सेहत के मुद्दे के राजनीतिकरण करने पर नाराजगी जताई है.

इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने 8 महीने की दी जमानत
पीएमएल-एन नेता ने कहा कि सरकार इस्लामाबाद हाई कोर्ट के पूर्व के फैसले पर अपनी खुद की अदालत नहीं चला सकती. इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने मेडिकल आधार पर शरीफ को 8 हफ्ते की जमानत दी है. अगर शरीफ को कुछ होता है तो इसके लिए इमरान खान और उनके लोग जिम्मेदार होंगे क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री की हालत गंभीर है और सरकार उनकी हालात पर राजनीति कर रही है.

उनकी पार्टी के अनुसार, अगर सरकार ईसीएल से शरीफ का नाम हटाती है तो उन्हें लंदन ले जाने के लिए बुधवार को लाहौर में एक एयर एंबुलेंस पहुंचेगी. शरीफ का लाहौर के उनके जट्टी उमरा हाउस में इलाज चल रहा है. उनका प्लेटेलेट काउंट बहुत ही कम हो गया है. (भाषा इनपुट के साथ)

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