चीन की मेहरबानी से ओली को मिला एक हफ्ते का वक़्त, पांचवीं बार टली बैठक

चीन की मेहरबानी से ओली को मिला एक हफ्ते का वक़्त, पांचवीं बार टली बैठक
चीन के दखल से ओली को मिला एक हफ्ते का वक़्त

के पी शर्मा (KP Sharma Oli) ओली के राजनीतिक भविष्य का फैसला करने वाली नेपाल (Nepal) की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) की बैठक लगातार पांचवीं बार फिट टल गयी है. इस बार इसे देश में बाढ़ आने की वजहों का हवाला देते हुए एक हफ्ते के लिए टाल दिया गया है. उधर चीन की राजदूत होउ यांगकी (Hou Yanqi) और नेपाल के शीर्ष नेताओं के बीच बैठकों का दौर बढ़ता जा रहा है.

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काठमांडू. प्रधानमंत्री के पी शर्मा (KP Sharma Oli) ओली के राजनीतिक भविष्य का फैसला करने वाली नेपाल (Nepal) की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) की बैठक लगातार पांचवीं बार फिट टल गयी है. इस बार इसे देश में बाढ़ आने की वजहों का हवाला देते हुए एक हफ्ते के लिए टाल दिया गया है. उधर चीन की राजदूत होउ यांगकी (Hou Yanqi) और नेपाल के शीर्ष नेताओं के बीच बैठकों का दौर बढ़ता जा रहा है. चीनी राजदूत ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाल कम्यूनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के चेयरमैन पुष्प कमल दहल उर्फ प्रचंड से मुलाकात की थी जिसके बाद माना जा रहा था कि ओली को राहत मिल सकती है.

भारत विरोधी टिप्पणियों और कामकाज की शैली को लेकर ओली के इस्तीफे की मांग की जा रही है. नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी की 45 सदस्यीय शक्तिशाली स्थायी समिति की बैठक शुक्रवार को होनी थी. माय रिपब्लिक अखबार ने एनसीपी प्रवक्ता नारायण काजी श्रेष्ठ के हवाले से कहा कि बचाव एवं राहत कार्यों और देशभर में बाढ़ तथा भूस्खलनों से और नुकसान को होने से रोकने के प्रयासों में पार्टी के लगे होने के कारण बैठक टाल दी गई है. नेपाल के सिंधुपालचोक जिले में मूसलाधार बारिश से आई बाढ़ में कई मकानों के बह जाने से गुरूवार को एक बच्चे समेत कम से कम दो लोगों की मौत हो गई जबकि 18 अन्य लापता हो गए. यह पांचवीं बार है जब एनसीपी की बैठक स्थगित हुई है। इससे पहले बुधवार को होने वाली बैठक को शुक्रवार तक के लिए स्थगित किया गया था.

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ओली की कुर्सी खतरे में
पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ समेत एनसीपी के शीर्ष नेताओं ने प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफे की मांग की है. उनका कहना है कि ओली की हालिया भारत विरोधी टिप्पणी 'न तो राजनीतिक रूप से सही थी और न ही राजनयिक रूप से उचित थी.' नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के दो धड़ों के बीच मतभेद उस समय बढ़ गया जब प्रधानमंत्री ने एकतरफा फैसला करते हुए संसद के बजट सत्र का समय से पहले ही सत्रावसान करने का फैसला किया। सत्ता में हिस्सेदारी के मुद्दे पर एनसीपी के एक धड़े का नेतृत्व ओली और दूसरे धड़े का नेतृत्व पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष ‘प्रचंड’ करते हैं.

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पीएम ओली अपनी पार्टी एनसीपी में अकेले पड़ गए हैं लेकिन इस्तीफे को तैयार नहीं हैं. वहीं, उनके मुख्य विरोधी प्रचंड ओली के इस्तीफे से कम पर मानने को तैयार नहीं हैं. स्टैंडिंग कमेटी की बैठक टलने के बाद दोनों नेताओं के बीच 6 दौर की बातचीत हो चुकी है. सरकार के वर्किंग स्टाइल और फेलियर पर चर्चा के लिए स्टैंडिंग कमेटी की बैठक बुलाई गई थी. बैठक में 44 में से 33 सदस्यों ने ओली के इस्तीफे की मांग की थी, लेकिन ओली कुर्सी नहीं छोड़ने तैयार नहीं हुए.

भारत वरोधी तेवर बरक़रार
ओली सरकार का भारत विरोधी रुख बरकरार है और गुरूवार को नेपाल ने दूरदर्शन को छोड़कर बाकी सभी भारतीय समाचार चैनलों (Indian News Channels) पर पीएम केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) के खिलाफ गलत सूचनाएं फैलाने का आरोप लगाकर उन्हें बैन कर दिया है. सूचना और प्रसारण मंत्री युबराज खाटीवाडा ने बैन की घोषणा करते हुए आरोप लगाया कि भारतीय चैनल नेपाल की सरकार और खासकर पीएम ओली के खिलाफ प्रोपोगैंडा फैला रहे हैं.

पूर्व उप-प्रधानमंत्री और एनसीपी के प्रवक्ता नारायणकाजी श्रेष्ठ ने भारतीय मीडिया को जमकर कोसा था. उन्होंने कहा कि नेपाल सरकार और प्रधानमंत्री ओली के खिलाफ भारतीय मीडिया ने दुष्प्रचार की सारी हदें पार कर दी हैं. अब यह बहुत हो रहा है, इसे बंद करना चाहिए. नेपाल के केबल टीवी प्रोवाइडर्स ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया, देश में भारतीय समाचार चैनलों के सिग्नल बंद हो गए हैं.
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