नेपाल में PM-प्रचंड विवाद में आया नया मोड़, ओली ने दिया सुझाव किसे बनाएं पीएम

नेपाल में PM-प्रचंड विवाद में आया नया मोड़, ओली ने दिया सुझाव किसे बनाएं पीएम
नेपाल के पीएम केपी शर्मा (फाइल फोटो)

नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) ने यह सुझाव दिया है कि उनका रिप्लेसमेंट पार्टी के सीपीएन (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) गुट से होना चाहिए.

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काठमांडू. नेपाल (Nepal Crisis) में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) और पुष्प कमल दहल प्रचंड (Push Kamal Dahal Prachand) के बीच हालिया विवादों के बाद मामले में फिर से एक नया मोड़ आया है. प्रधानमंत्री ओली को उनकी ही पार्टी के विरोधियों ने पिछले कई हफ्तों से घेरकर रखा हुआ है. उनपर लगातार इस्तीफा देने का दबाव भी बनाया जा रहा है. नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली ने यह सुझाव दिया है कि उनका रिप्लेसमेंट पार्टी के सीपीएन (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) गुट से होना चाहिए. गुरूवार को पुष्प कमल दहल प्रचंड के साथ हुई एक बैठक में दिए गए इस सुझाव को विरोधी गुट के नेताओं के बीच एकता बनाने के एक प्रयास के रूप में इसे देखा जा रहा है.

प्रचंड को प्रधानमंत्री पद का दावेदार माना जा रहा है

नेपाल में आम जनता के बीच ओली की जगह प्रचंड को प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में देखा जा रहा है. प्रचंड सीपीएन (माओवादी सेंटर) से है. साल 2018 में प्रचंड की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ नेपाल (माओइस्ट सेंटर) और ओली की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ नेपाल (एकीकृत मार्कसिस्ट) के विलय के बाद नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी का गठन किया गया था.



वर्ष 2019 में भी हुआ था समझौते पर विचार
पीएम ओली, पुष्प कमल दहल के साथ 50-50 के पावर शेयरिंग सौदे को साथ लेकर सत्ता में आए. नवंबर 2019 में फिर से एक बार इस समझौते पर विचार किया गया जिसमें ओली ने स्वयं सरकार की बागडोर संभालते हुए प्रचंड को राकांपा का नेतृत्व संभालने की जिम्मेदारी सौंपी. लेकिन हाल ही में कम्युनिस्ट पार्टी की त्रिमूर्ति और ओली के मुख्य विरोधी प्रचंड, झाला नाथ खनाल और माधव कुमार नेपाल ओली पर पद छोड़ने के लिए दबाव बना रहे हैं.

भारत-नेपाल सीमा पर सड़क बनने से शुरू हुआ विवाद

कई नेताओं का मानना है कि ओली का उद्देश्य अपने विरोधियों को तोड़ने की और प्रचंड और माधव नेपाल को आपस में लड़वाने की दोहरी चाल है. इस तनाव की शुरुआत तब हुई जब नेपाल और भारत के बीच दोनों देशों की सीमा के पास बनी 80 किमी की सड़क पर विवाद हुआ और उसके बाद ओली सरकार ने नए राजनैतिक मानचित्र को मंजूरी दी. लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बाद ओली के खिलाफ पार्टी में नाराजगी का माहौल बना और पार्टी में उनके विरोधियों ने उन्हें सत्ता से बाहर करने की कोशिश की. ओली ने इन आरोपों के जवाब में कहा कि उनके विरोधी भारत के इशारे पर उनकी सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं.

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चीन अपने हित में नेपाल जैसे कमजोर राष्ट्र के भ्रष्ट नेताओं का उपयोग करता है: रिपोर्ट

गुरूवार को दहल के साथ बैठक के आखिरी दौर में पीएम ओली ने अपने रिप्लेसमेंट के बारे में आश्चर्यजनक सुझाव दिया. कुछ विचारक इसे उनका पुराना खेल समझ रहे हैं जो वे पिछले कुछ महीनों में विशेष रूप से दिखा रहे हैं.
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