चीन के खिलाफ खबर चलाने वाले नेपाली पत्रकार की मौत, 10 अगस्त को हुए थे लापता

चीन के खिलाफ खबर चलाने वाले नेपाली पत्रकार की मौत, 10 अगस्त को हुए थे लापता
नेपाल के वरिष्ठ पत्रकार बलराम बनिया (सौ. काठमांडू पोस्ट)

बलराम बनिया गत 10 अगस्‍त को रहस्‍यमय तरीके से लापता हो गए थे और बाद में 12 अगस्‍त को उनका शव नदी के किनारे मिला था. उन्‍होंने जून महीने में नेपाल (Nepal) के रुई गांव में चीन (China) के कब्‍जे की खबर दी थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 14, 2020, 3:28 PM IST
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काठमांडू. नेपाल के उस पत्रकार (Journalist) की संदेहास्पद अवस्था में मौत हो गयी है, जिसने नेपाल के गांव पर कब्जे को लेकर चीन (China) के खिलाफ न्यूज लिखी थी. बलराम बनिया कांतिपुर टाइम्स में काम करते थे और नेपाल को लेकर चीन की प्लानिंग के विषय पर काम कर रहे थे. नेपाल के मकवानपुर जिला पुलिस के मुताबिक, बलराम का मृत शरीर बागमती नदी के किनारे मांडू पावर प्रोजेक्ट के पास पड़ा हुआ मिला है. नेपाल में फेड ऑफ नेपाली जर्नलिस्ट सहित सात पत्रकार यूनियनों ने सरकार से बनिया की मौत के जांच की मांग की है. मेट्रोपोलिटन क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधीक्षक दीपक थापा के अनुसार, बानिया का शव मंगलवार को सुबह करीब 11 बजे मकनपुर के सिसनेरी में मंडो हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट इलाके के पास मिला था. उनका पार्थिव शरीर हतौड़ा अस्पताल में रखा गया है. पुलिस के अनुसार, बनिया को सोमवार को लगभग 3:45 बजे बल्खू में देखा गया था.

बल्खू में एक पुलिस टीम ने उस दोपहर भी उनसे पूछताछ की थी, जिसके जवाब में उन्‍होंने कहा था कि वह घर जा रहे हैं. पुलिस के मुताबिक, उसे तब बल्खू पुल के पास बल्खू नदी के किनारे सब्जी मंडी की तरफ जाते देखा गया था. थापा ने कहा कि बनिया पुल के नीचे चलते समय नदी में गिर गया था, क्योंकि उसके जूते कीचड़ में फंस गए थे. 1970 में तनहुन के मिर्लंग में जन्मे बनिया सुबिन्दनगर, टिंक्यून में रहने लगे थे. वह फेडरेशन ऑफ नेपाली जर्नलिस्ट्स के पूर्व सचिव थे. बनिया अपने पीछे अपनी पत्नी, एक बेटी और एक बेटे छोड़ गए हैं. बलराम बनिया ने कांतिपुर संपादकीय टीम के एक मुख्य सदस्य के रूप में लगभग 10 साल बिताए. बलराम ने 2000 की शुरुआत में रिपोर्टिंग से अपने कार्यकाल की शुरुआत की. वे राजनीति और संसद को कवर करते थे, लेकिन उन्होंने नौकरशाही व शासन पर व्यापक रिपोर्टिंग करने के बाद पत्रकारिता में अपना नाम बनाया.

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ईमानदार व्यक्ति थे बनिया
पेपर के संपादक नारायण वागले ने बनिया को असाधारण रूप से डाउन टू अर्थ और ईमानदार व्यक्ति के रूप में याद किया. वागले ने कहा, "मैंने हमेशा कार्यवाही पर नज़र रखने और सवाल उठाने के लिए न्यूज रूम में बलराम की ज़रूरत महसूस की. उन्होंने ईमानदारी का उच्चतम स्तर बनाए रखा." इन वर्षों में बानिया ने अपनी रिपोर्टिंग के दायरे का विस्तार किया, ऊर्जा, जल विद्युत और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से संबंधित मुद्दों को कवर किया. बनिया सोमवार से ही अपने परिवार और कार्यालय के संपर्क से बाहर चल रहे थे. उन्होंने नेपाली कांग्रेस के नेता राम चंद्र पौडेल के एक लेख के बारे में जानकारी देने के लिए सोमवार को कार्यालय में अंतिम बार संपर्क किया था.
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