Nepal Crisis: नेपाल के PM ओली ने कुर्सी बचाने के लिए चली नई चाल!

नेपाल के पीएम केपी शर्मा (फाइल फोटो)

Nepal Crisis: प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली की भारत विरोधी टिप्पणी के लिए पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ समेत सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के शीर्ष नेताओं ने उनके इस्तीफे की मांग की है.

  • Share this:
    काठमांडू. नेपाल (Nepal) में राजनीतिक संकट लगातार जारी है. प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (Prime Minister KP Sharma Oli) ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने संसद के बजट सत्र को रद्द कर दिया है. दावा किया जा रहा है कि कैबिनेट की बैठक में संसद के बजट सत्र को रद्द करने की सिफारिश की गई थी. दरअसल ओली के पास बहुमत नहीं है और उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव से बचने के लिए ये चाल चली है.

    कैसे बचेगी कुर्सी?
    इस बीच नेपाली अखबार काठमांडू पोस्ट के मुताबिक ओली ने मुख्य विपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस से समर्थन की मांग की है. अखबार ने दावा किया है कि अगर ओली के पास कुर्सी बचाने के लिए कोई चारा नहीं बचता है तो वो एक बार फिर से पॉलिटकल पार्टी कानून के लिए अध्यादेश ला सकते हैं. इसके तहत किसी भी पार्टी को तोड़ना आसान हो जाएगा. इस साल अप्रैल में इस कानून को लेकर नेपाल में घमासान मचा था.

    प्रचंड की राष्ट्रपति से मुलाकात
    नेपाल की सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) में खुलकर सामने आई दरार के बीच पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी से मुलाकात की. भंडारी द्वारा कैबिनेट की अनुशंसा पर संसद के बजट सत्र को स्थगित करने की घोषणा के कुछ घंटे के बाद प्रचंड ने राष्ट्रपति से मुलाकात की. ‘माई रिपब्लिका’ की खबर के अनुसार माना जा रहा है कि एनसीपी की पूर्व नेता रही भंडारी ने सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर दरार के बारे में जानकारी ली है. इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने राष्ट्रपति से मुलाकात की थी और उनसे बजट सत्र को स्थगित करने का अनुरोध किया था.

    इस्तीफे की मांग
    प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली की भारत विरोधी टिप्पणी के लिए पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ समेत सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के शीर्ष नेताओं ने उनके इस्तीफे की मांग की है. शीर्ष नेताओं ने कहा है कि प्रधानमंत्री की टिप्पणी न तो राजनीतिक तौर पर ठीक थी न ही कूटनीतिक तौर पर यह उचित थी.

    क्या कहा था ओली ने
    ओली ने हाल में कहा था कि नेपाल के नए राजनीतिक मानचित्र के प्रकाशन के बाद उन्हें हटाने के प्रयास हो रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘भारत उन्हें हटाने का षड्यंत्र कर रहा है, प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी न तो राजनीतिक तौर पर ठीक थी न ही कूटनीतिक तौर पर यह उचित थी.’’ उन्होंने आगाह किया, ‘‘प्रधानमंत्री द्वारा इस तरह के बयान देने से पड़ोसी देश के साथ हमारे संबंध खराब हो सकते हैं.’’

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.