नेपाल: PM ओली ने प्रचंड को दी खुली चुनौती, कहा- हटा सकते हैं तो मुझे प्रधानमंत्री पद से हटा दें

नेपाल के कार्यवाहक प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली.

नेपाल के कार्यवाहक प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली.

Nepal Latest news in Hindi: पिछले साल नेपाल में उस समय राजनीतिक संकट पैदा हो गया था, जब 20 दिसंबर को राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने प्रधानमंत्री ओली की सिफारिश पर संसद के निचले सदन को भंग करने और नए चुनाव कराने की घोषणा की थी.

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काठमांडू. नेपाल (Nepal) के प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली (KP Sharma Oli) ने रविवार को सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के पुष्प कमल दहल प्रचंड के नेतृत्व वाले धड़े को चुनौती दी कि अगर वे हटा सकते हैं, तो उन्हें शीर्ष पद से हटा दें. प्रधानमंत्री ओली (69) अपने गृह जिले झापा में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. माई रिपब्लिका समाचार पत्र के अनुसार उन्होंने प्रचंड के नेतृत्व वाले धड़े को अविश्वास प्रस्ताव लाने की चुनौती दी.

प्रधानमंत्री ने कहा, ’के पी ओली अब भी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के संसदीय दल के नेता हैं. वह पार्टी अध्यक्ष होने के साथ ही प्रधानमंत्री भी हैं. अगर आपने संसद को बहाल किया है, तो के पी ओली को प्रधानमंत्री के पद से हटा दें.’

नेपाल में राजीतिक संकट

पिछले साल नेपाल में उस समय राजनीतिक संकट पैदा हो गया था, जब 20 दिसंबर को राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने प्रधानमंत्री ओली की सिफारिश पर संसद के निचले सदन को भंग करने और नए चुनाव कराने की घोषणा की थी.
जानिए अब तक क्या-क्या हुआ?

पिछले हफ्ते नेपाली उच्चतम न्यायालय की पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ ने एक ऐतिहासिक फैसले में संसद के 275 सदस्यीय निचले सदन को भंग करने के ओली सरकार के ’असंवैधानिक’ फैसले को रद्द कर दिया. न्यायालय ने सरकार को अगले 13 दिनों के भीतर सदन का सत्र बुलाने का भी आदेश दिया.

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समाचार पत्र ने ओली के हवाले से कहा, ‘‘अगर आप हटा सकते हैं, तो मुझे हटा दें. अगर मुझे अपदस्थ किया जाता है, तो मैं अगले चुनाव में दो-तिहाई बहुमत से जीत हासिल करुंगा.’’
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