इस्तीफे का दबाव झेल रहे ओली ने की हैं तीन बड़ी गलतियां, NCP ने स्वीकारा

इस्तीफे का दबाव झेल रहे ओली ने की हैं तीन बड़ी गलतियां, NCP ने स्वीकारा
नेपाल पीएम केपी शर्मा ओली (फाइल फोटो)

NCP के एक वरिष्ठ नेता नारायणकाजी श्रेष्ठ ने कहा कि प्रधानमंत्री ओली द्वारा भारत के राष्ट्रीय चिह्न का उल्लेख करते हुए चिढ़ाने वाले बयान देकर कालापानी और लिपुलेख की विवादित भूमि पर दावा करना एक गलती थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 1, 2020, 5:43 PM IST
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काठमांडू. नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली पर इस्तीफे के बढ़ते दबाव के बीच अब उन पर उन्ही की पार्टी ने बयान दिया है. दरअसल, नेपाल में सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) के एक वरिष्ठ नेता नारायणकाजी श्रेष्ठ ने कहा कि ओली ने में ''कूटनीति" के स्थापित मानकों के विपरीत "चिढ़ाने" वाले भारत विरोधी बयान देकर तीन गलतियां की हैं. पिछले महीने, प्रधानमंत्री ओली ने आरोप लगाया था कि भारत उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के साथ मिलकर उन्हें सत्ता से बाहर करने की साजिश कर रहा है. उनका यह बयान नेपाल द्वारा एक नया नक्शा मंजूर करने के लिए एक विधेयक पारित करने के बाद आया, जिसमें नेपाल और भारत के बीच विवाद के केंद्र रहे इलाके लिपुलेख दर्रा, कालापानी और लिंपियाधुरा को नेपाल के क्षेत्र के तौर पर दिखाया गया था.

ओली ने उसके बाद जुलाई माह में यह दावा करके एक नया विवाद खड़ा कर दिया कि असली अयोध्या भारत में नहीं, बल्कि नेपाल में है और भगवान राम का जन्म दक्षिण नेपाल के थोरी में हुआ था. ओली की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल के प्रवक्ता एवं सेंट्रल सेक्रेटैरिएट के सदस्य नारायणकाजी श्रेष्ठ ने प्रधानमंत्री ओली के बयानों को ''कूटनीति" के स्थापित मानकों के विपरीत करार देते हुए कहा कि प्रधनमंत्री ओली ने भारत के खिलाफ चिढ़ाने वाले बयान देकर एक बहुत बड़ी गलती की, ऐसे समय में जब सीमा मुद्दे को बातचीत के जरिए सुलझाने की जरूरत है. प्रवक्ता ने आगे कहा, 'प्रधानमंत्री ओली द्वारा भारत के राष्ट्रीय चिह्न का उल्लेख करते हुए चिढ़ाने वाले बयान देकर कालापानी और लिपुलेख की विवादित भूमि पर दावा करना एक गलती थी.' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ओली ने भारत के संबंध में तीन गलतियां की, हालांकि सरकार द्वारा एक नया नक्शा जारी करके कालापानी और अन्य क्षेत्रों पर किया गया दावा सराहनीय था.

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ओली की तीन गलतियां
उन्होंने कहा कि पहली गलती भारत के चिह्न 'सत्यमेव जयते' के बारे में चिढ़ाने वाले तरीके से बोलकर की गई, दूसरी गलती भारत पर अपनी सरकार को गिराने की साजिश रचने के लिए दोष मढ़ना था जो कि निराधार है, और तीसरी गलती उन्होंने यह दावा करके की कि भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या नेपाल के बीरगंज के पास स्थित है.
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