नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली हासिल नहीं कर पाए विश्‍वास मत, दे सकते हैं इस्‍तीफा

केपी शर्मा ओली नहीं जीत पाए विश्‍वास मत. (File pic)

केपी शर्मा ओली नहीं जीत पाए विश्‍वास मत. (File pic)

Nepal Government Crisis: जानकारी के अनुसार कुल 232 में से 124 वोट प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) के खिलाफ डाले गए. अब कहा जा रहा है कि पीएम ओली राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंपेंगे.

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काठमांडू. नेपाल (Nepal) की मौजूदा सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. सोमवार को प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) को संसद के निचले सदन में अपना बहुमत साबित करने के लिए विश्वास मत में जीत हासिल करनी थी. लेकिन वह इसमें विफल रहे. जानकारी के अनुसार कुल 232 में से 124 वोट उनके खिलाफ डाले गए.

अब कहा जा रहा है कि पीएम ओली राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंपेंगे. विश्‍वास मत का प्रस्‍ताव रखते हुए ओली ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के विकास और राष्ट्र निर्माण के लिए परिश्रम करने वाली सरकार पर संकीर्ण और पक्षपातपूर्ण हितों के लिए निशाना साधा जा रहा है. उन्होंने विपक्ष से किसी के खिलाफ झूठे आरोप नहीं लगाने का अनुरोध भी किया.

पुष्पकमल दहल ''प्रचंड'' नीत नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी केंद्र) द्वारा ओली सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद उन्हें निचले सदन में बहुमत साबित करना था. नेपाल में सोमवार को संसद का विशेष सत्र बुलाया गया था और इस दौरान प्रधानमंत्री ओली ने 275 सदस्यीय सदन में बहुमत साबित करने के लिए विश्वास मत में जीत का प्रयास किया लेकिन उन्‍हें हार का सामना करना पड़ा.

सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) ने अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी कर प्रधानमंत्री के पक्ष में मतदान का अनुरोध किया था. प्रचंड नीत दल के सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद ओली की सरकार अल्पमत में आ गई है.


इस बीच बताया गया था कि नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) के माधव नेपाल नीत प्रतिद्वंद्वी धड़े ने मतदान से पहले उनके समर्थन वाले सभी 22 सांसदों के इस्तीफे की चेतावनी दी है.

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