नेपालः केपी शर्मा ओली की चेतावनी के बाद टूटने की कगार पर पहुंची सीपीएम-यूएमएल!

केपी शर्मा ओली ने नेपाल और खनाल पर पार्टी विरोधी गतिविधियां करने का आरोप लगाया है.

केपी शर्मा ओली ने नेपाल और खनाल पर पार्टी विरोधी गतिविधियां करने का आरोप लगाया है.

Nepal Latest news in Hindi: माधव कुमार नेपाल और झाला नाथ खनाल के नेतृत्व वाले कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-यूएमएल में ओली के प्रतिद्वंद्वी धड़े ने दो दिवसीय राष्ट्रीय काडर सभा आयोजित की है.

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  • Last Updated: March 17, 2021, 6:46 PM IST
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काठमांडू. नेपाल (Nepal) के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) ने पार्टी में अपने प्रतिद्वंद्वी धड़े को बुधवार को यहां शुरू हो रही राष्ट्रीय सभा में भाग लेने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी है, जिसके बाद सत्तारूढ़ सीपीएम-यूएमएल टूटने के कगार पर नजर आ रही है.

‘द हिमालयन टाइम्स’ ने बताया कि माधव कुमार नेपाल और झाला नाथ खनाल के नेतृत्व वाले कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-यूएमएल में ओली के प्रतिद्वंद्वी धड़े ने दो दिवसीय राष्ट्रीय काडर सभा आयोजित की है, जिसमें पार्टी की सभी शाखाओं के करीब 2,000 नेता और काडर के भाग लेने की संभावना है.

ओली ने नेपाल-खनाल धड़े को दी चेतावनी
ओली के नेतृत्व वाले धड़े ने नेपाल-खनाल धड़े के बुधवार एवं बृहस्पतिवार को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में भाग लेने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रतिद्वंद्वी धड़े ने कहा है कि वे पूर्व निर्धारित कार्यक्रम आयोजित करेंगे.
पार्टी विरोधी गतिविधियां करने का आरोप


ओली ने नेपाल और खनाल पर पार्टी विरोधी गतिविधियां करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘मैंने सुना है कि वे कल राष्ट्रीय काडर की बैठक करने वाले हैं जहां वे एक रिपोर्ट भी पारित करेंगे. मैं पार्टी विरोधी गतिविधियां अब और सहन नहीं कर सकता.’’ ‘मायरिपब्लिका’ में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, सीपीएन-यूएमएल महासचिव ईश्वर पोखरल ने बयान जारी करके पार्टी नेताओं एवं सदस्यों से इस बैठक में भाग नहीं लेने को कहा है. उनका कहना है कि उनकी पार्टी ने ऐसा कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया है.


उन्होंने ‘‘अवैध’’ सभा में शामिल होने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी. पार्टी के दोनों धड़ों के बीच टकराव उस समय बढ़ गया था, जब नेपाल-खनाल धड़े ने ओली से 12 मार्च के उन फैसलों को वापस लेने की मांग की थी, जिनके कारण दोनों नेताओं के नजदीकी नेताओं को पार्टी की अहम जिम्मेदारियों से हटा दिया गया था.
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