नेपाल फिर करने जा रहा गुस्ताखी, गूगल सहित पूरी दुनिया को भेजेगा विवादित मैप

नेपाल फिर करने जा रहा गुस्ताखी, गूगल सहित पूरी दुनिया को भेजेगा विवादित मैप
नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली (फाइल फोटो)

नेपाल (Nepal) ने 18 मई को देश का संशोधित राजनीतिक और प्रशासनिक नक्शा जारी कर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इन इलाकों पर अपना दावा बताया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 1, 2020, 8:57 PM IST
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काठमांडू. भारत के साथ बिगड़ रहे अपने रिश्तों की परवाह किए बिना नेपाल (Nepal) ने फिर से गुस्ताखी कर दी है. दरअसल, कालापानी, लिंपियाधुरा और लिपुलेख को अपने नए नक्शे में शामिल कर नेपाल अब इस नए नक्शे (Map) को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) और गूगल को भेजने की तैयारी में है.नेपाल के भूमि मामलों की मंत्री पद्मा अरयल ने समाचार एजेंसी एएनआई से शनिवार को यह बात कही. बता दें, भारत लंबे समय से इन तीनों इलाकों को अपना मानता है लेकिन गत 13 जून को नेपाल की संसद ने कालापानी, लिंपियाधुरा और लिपुलेख को नए नक्शे में शामिल करने वाले संशोधन विधेयक को पारित कर दिया. इसके बाद दोनों देशों के संबंधों में तल्खी आ गई. नेपाल के इस कदम को भारत ने खारिज कर दिया. भारत सरकार ने कहा कि संबंधों को मौजूदा हालात में पहुंचाने के लिए नेपाल जिम्मेदार है और अब बातचीत के लिए उपयुक्त माहौल बनाने की जिम्मेदारी भी उसी की बनती है.

गौरतलब है कि, भारत ने नवंबर 2019 में एक नया नक्शा जारी किया था, जिसके करीब छह महीने बाद नेपाल ने इस साल मई महीने में देश का संशोधित राजनीतिक और प्रशासनिक नक्शा जारी कर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इन इलाकों पर अपना दावा बताया था. नेपाली संसद के ऊपरी सदन यानी नेशनल असेम्बली ने संविधान संशोधन विधेयक को सर्वसम्मति से पारित कर दिया था. इसके बाद नेपाल के राष्ट्रीय प्रतीक में नक्शे को बदलने का रास्ता साफ हो गया था.


दरअसल, भारत और नेपाल के बीच रिश्तों में उस वक्त तनाव दिखा जब रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आठ मई को उत्तराखंड में लिपुलेख दर्रे को धारचुला से जोड़ने वाली रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 80 किलोमीटर लंबी सड़क का उद्घाटन किया. नेपाल ने इस सड़क के उद्घाटन पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि यह सड़क नेपाली क्षेत्र से होकर गुजरती है. भारत ने नेपाल के दावों को खारिज करते हुए दोहराया कि यह सड़क पूरी तरह उसके भूभाग में स्थित है.



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नेपाल का दावा
नेपाल ने 18 मई को देश का संशोधित राजनीतिक और प्रशासनिक नक्शा जारी कर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इन इलाकों पर अपना दावा बताया था. भारत यह कहता रहा है कि यह तीन इलाके उसके हैं. काठमांडू द्वारा नया नक्शा जारी करने पर भारत ने नेपाल से कड़े शब्दों में कहा था कि वह क्षेत्रीय दावों को कृत्रिम रूप से बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का प्रयास न करे.
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