नेपालः ओली के खिलाफ खुलकर आए प्रचंड, 2 दिन में दूसरी बार अपने मंत्रियों से इस्तीफा देने को कहा

केपी शर्मा ओली ने नेपाल और खनाल पर पार्टी विरोधी गतिविधियां करने का आरोप लगाया है.

केपी शर्मा ओली ने नेपाल और खनाल पर पार्टी विरोधी गतिविधियां करने का आरोप लगाया है.

Nepal Political Crisis: गृह मंत्री थापा और ऊर्जा मंत्री रायमाझी सहित सीपीएन (माओइस्ट सेंटर) से जुड़े सभी मंत्री पार्टी के फैसले का पालन करने के प्रति अभी अनिच्छुक नजर आ रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 15, 2021, 4:17 PM IST
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काठमांडू. नेपाल में पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ के नेतृत्व वाली सीपीएन (माओइस्ट सेंटर) पार्टी ने रविवार को प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली सरकार में अपने मंत्रियों से सामूहिक इस्तीफा देने को कहा. यह दूसरी बार है, जब कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल के इस धड़े ने ओली सरकार में अपने मंत्रियों को पद से इस्तीफा देने का निर्देश दिया है. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर) की केंद्रीय समिति की रविवार को हुई बैठक में गृह मंत्री राम बहादुर थापा और ऊर्जा मंत्री टोप बहादुर रायमाझी से पार्टी का अनुशासन तोड़ने के लिए सामूहिक रूप से इस्तीफा देने को कहा गया.

इस्तीफा देने को तैयार नहीं मंत्री
इससे पहले शनिवार को, पार्टी ने अपने मंत्रियों को मंत्रिमंडल से वापस बुलाया था और सीपीएन-यूएमएल केंद्रीय समिति में नामित अपने सभी नेताओं को 24 घंटे के भीतर अपना रुख स्पष्ट करने का निर्देश दिया था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हालांकि, गृह मंत्री थापा और ऊर्जा मंत्री रायमाझी सहित सीपीएन (माओइस्ट सेंटर) से जुड़े सभी मंत्री पार्टी के फैसले का पालन करने के प्रति अभी अनिच्छुक नजर आ रहे हैं.

कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ एक्शन पर विचार
सीपीएन (माओइस्ट सेंटर) की केंद्रीय समिति के सदस्य गणेश शाह ने कहा कि जैसा कि पार्टी से संबंधित मंत्री अपने इस्तीफे के लिए अनिच्छुक दिखाई दे रहे हैं, पार्टी अब उन्हें ऐसा करने के लिए व्यक्तिगत रूप से पत्र लिखेगी. पार्टी नेताओं के अनुसार, रविवार की बैठक में सरकार में पार्टी के कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई करने पर भी चर्चा हुई.



प्रचंड को पार्टी में टूट का डर
2 दिन में दूसरी बार प्रचंड की ओर पार्टी नेताओं को निर्देश जारी करने का मतलब साफ है कि प्रचंड के नेता बागी मूड में हैं. ऐसा लग रहा है कि मंत्रियों का रुख अपनी ही पार्टी के खिलाफ है. ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री केपी ओली ने प्रचंड के नेताओं को अपने पाले में करना चाहते हैं.

ओली-प्रचंड की पार्टी का विलय रद्द
गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले नेपाल के उच्चतम न्यायालय ने सीपीएन(यूएमएल) और सीपीएन (माओइस्ट सेंटर) का 2018 में हुआ एकीकरण रद्द कर दिया था. इन दोनों पार्टियों का नेतृत्व क्रमश: ओली और प्रचंड कर रहे थे. मई 2018 में दोनों दलों ने आपस में विलय कर एकीकृत ‘‘नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी’’ का गठन किया था.

यह घटनाक्रम, 2017 के आम चुनावों में दोनों पार्टियों के गठबंधन को मिली जीत के बाद हुआ था.
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