इस देश के राष्ट्रपति ने कैबिनेट में शामिल किए 6 रिश्तेदार, मचा बवाल

इस देश के राष्ट्रपति ने कैबिनेट में शामिल किए 6 रिश्तेदार, मचा बवाल
मलावी के राष्ट्रपति पर उठे गंभीर सवाल

लाजरुस चकरेवा (Lazarus Chakwera) को मलावी (Malawi) की जनता ने 58.5% वोट देकर एक भारी अंतर से जिताया था. हालांकि अब लाजरुस की सरकार पर सवाल खड़े हो गए हैं. आरोप है कि लाजरुस ने जो कैबिनेट चुनी है उसमें उनके ही 6 रिश्तेदारों को जगह दे दी गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 10, 2020, 12:10 PM IST
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लिलोंग्वे. राष्ट्रपति लाजरुस चकरेवा (Lazarus Chakwera) को मलावी (Malawi) की जनता ने 58.5% वोट देकर एक भारी अंतर से जिताया था. हालांकि अब लाजरुस की सरकार पर सवाल खड़े हो गए हैं. आरोप है कि लाजरुस ने जो कैबिनेट चुनी है उसमें उनके ही 6 रिश्तेदारों को जगह दे दी गई है. इसके आलावा कई मंत्री और उनके कई रिश्तेदार भी इस कैबिनेट का हिस्सा हैं.

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक 65 वर्षीत लाजरुस की जीत को मलावी में आशा की नज़रों से देखा जा रहा था लेकिन सरकार के काम शुरू करने से पहले ही वो सवालों के घेरे में आ गयी है. बीते बुधवार को राष्ट्रपति ने 31 सदस्यों की अपनी कैबिनेट का इस्तेमाल किया जिसमें 6 ऐसे लोग थे जो किसी न किसी तरह से आपस में रिश्तेदार थे और उनके तार लाजरुस से भी जुड़ते हैं. मलावी की मीडिया में राष्ट्रपति के इस कदम की काफी आलोचना की गयी है और उने इस फैसले पर सवाल खड़े किये गए हैं. इस कैबिनेट में मौजूद लेबर मिनिस्टर और हेल्थ मिनिस्टर आपस में भाई बहन हैं. इसके आलावा एग्रीकल्चर मिनिस्टर की बीवी की बहन को ही संचार मंत्री बनता गया है.

पुलिस चीफ, टैक्स चीफ भी रिश्तेदार
लाजरुस के करीबी सिदिक मिया को ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर बनाया गया है जबकि उनकी पत्नी को ही डेप्युटी मिनिस्टर ऑफ़ लैंड का पद दे दिया गया है. विपक्ष के नेता लुको टेम्बो ने न्यूज़ एजेंसी एएफपी से बताया कि राष्ट्रपति की कैबिनेट में भाई-बहन, पति पत्नी और अन्य रिश्तेदारों को सभी पद बांट दिए गए हैं. खुद राष्ट्रपति के कुछ रिश्तेदार इस कैबिनेट में शामिल हैं. इसके आलावा देश के सभी राज्यों को कैबिनेट में प्रतिनिधित्व नहीं मिला है. कैबिनेट के 70% मंत्री सेन्ट्रल रीजन के राज्यों से हैं.



सोशल एक्टिविस्ट मोक्तामा कटेंग-काउंडा ने भी कहा कि नई सरकार का कैबिनेट निराश करने वाला है. उन्होंने इसे नेपोटिज्म और गिरोहबाजी करार दिया. मोक्तामा ने कहा कि मलावी की जनता को लगता था कि नई सरकार मेरिट के आधार पर मंत्रियों का चयन करेगी लेकिन यहां तो दो-तीन परिवारों ने ही कब्जा जमा लिया है. सिर्फ मंत्री ही नहीं नए पुलिस चीफ, सेन्ट्रल बैंक गवर्नर और टैक्स चीफ भी इन परिवारों के सदस्यों में से ही हैं.
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