लाइव टीवी

दुनिया में सबसे पहले इन 4 देशों में मनाया गया 'New Year 2020'

News18Hindi
Updated: December 31, 2019, 11:10 PM IST
दुनिया में सबसे पहले इन 4 देशों में मनाया गया 'New Year 2020'
नए साल पर सिडनी में होने वाली आतिशबाजी पूरी दुनिया में चर्चित है. (फाइल फोटो, AP)

इन देशों (Countries) में उसी समय नया साल (News Year) शुरू हो जाता है, जब भारत (India) में घड़ियां दोपहर के 3:30 बजा रही होती हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 31, 2019, 11:10 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. भारत में भले ही नया साल (New Year) आने में कई घंटे बाकी हों, लेकिन दुनिया के कुछ देशों में नए साल का स्‍वागत किया जा चुका है. ये देश हैं प्रशांत महासागरीय देश (Pacific Ocean Countries). बड़े देशों की बात करें तो न्यूजीलैंड (New Zealand) और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में सबसे पहले नया साल आएगा, लेकिन इन बड़े देशों से भी पहले कई छोटे देश नये साल का जश्‍न मनाना शुरू कर चुके हैं. ये देश हैं टोंगा (Tonga), समोआ, किरीबाती (Kiribati) और क्रिसमस द्वीप.

इन देशों में उसी समय नया साल (New Year) शुरू हो जाता है, जब भारत (India) में घड़ियां दोपहर के 3.30 बजा रही होती हैं. तो ये हैं वे देश जहां दुनिया में सबसे पहले नये साल का स्वागत किया जाता है और इसी के साथ शुरू हो जाता है पार्टियों का दौर.

दुनिया भर में प्रसिद्ध है नये साल पर सिडनी में होने वाली आतिशबाजी
ऑस्ट्रेलिया के शहर सिडनी में इस अवसर पर होने वाली आतिशबाजी दुनिया भर में चर्चित है. भारतीय समयानुसार शाम करीब 7 बजे वहां नये साल की शुरुआत हो जाएगी. हालांकि, इस बार इन देशों में नये साल के जश्‍न को लेकर उत्साह उतना ज्यादा नहीं है. इसकी वजह है ऑस्ट्रेलिया (Australia) के जंगलों में लगी भीषण आग.

ऑस्ट्रेलिया में इस साल कम है नये साल की आतिशबाजी का उत्साह
ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में कई दशकों की सबसे भीषण आग लगी हुई है. इसके चलते वहां 40 डिग्री से भी ज्यादा का औसत तापमान दर्ज किया जा रहा है. इसके अलावा वहां चल रही गर्म हवाएं और जंगलों में लगी आग के नहीं बुझने से लोग चिंतिंत हैं. पर्यावरण के प्रति जागरूक कुछ समूहों ने सिडनी (Sydney) की आतिशबाजी के आयोजकों से इसे रोकने का अनुरोध भी किया था.

पर्यावरण के प्रति जागरूक कुछ संगठनों ने कहा था कि आतिशबाजी पर होने वाले खर्च को ऑस्ट्रेलियाई जंगलों में लगी आग को बुझाने पर लगा दिया जाए. साथ ही आतिशबाजी के प्रोग्राम को टाल दिया जाए क्योंकि जिन जगहों पर लोग जंगलों की आग से परेशान हैं, वे जब आतिशबाजी (Fire Cracking) के नजारे देखेंगे तो उन्हें बुरा महसूस होगा. हालांकि, प्रशासन ने इसके लिए मना कर दिया है. प्रशासन का कहना है कि इसके लिए महीनों पहले से तैयारी कर ली जाती है. अब इसे रोका नहीं जा सकता.यह भी पढ़ें: भारत में CDS की नियुक्ति पर अमेरिका ने दी बधाई, कहा- बढ़ेगा रक्षा सहयोग

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए दुनिया से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 31, 2019, 11:09 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर