न्यूजीलैंड की 2 मस्जिदों पर हमला करने वाले आतंकी को बिना पैरोल की उम्रकैद

न्यूजीलैंड की 2 मस्जिदों पर हमला करने वाले आतंकी को बिना पैरोल की उम्रकैद
ब्रेंटन टेरंट को बिना पैरोल उम्रकैद की सजा

New Zealand mosque shooter: न्यूजीलैंड की अदालत ने क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों पर हमला करने वाले शख्स को बिना पैरोल उम्रकैद की सजा सुनाई है. इस शख्स ने अंधाधुंध फायरिंग कर 51 लोगों को मार दिया था.

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  • Last Updated: August 27, 2020, 10:01 AM IST
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वेलिंग्टन. न्यूजीलैंड (New Zealand) के क्राइस्टचर्च शहर में 15 मार्च 2019 को दो मस्जिदों पर अंधाधुंध फायरिंग करने वाले ऑस्ट्रेलियाई व्हाइट सुपरमिस्ट आतंकी को कोर्ट ने बिना पैरोल उम्रकैद (Life imprisonment without parole) की सजा सुनाई है. इस शख्स को कोई पैरोल नहीं मिलेगी और अब इसे पूरी जिंदगी जेल में ही गुजारनी होगी. इस शख्स ने मस्जिदों में घुसकर फायरिंग की थी जिसमें 51 लोग मारे गए थे और 40 घायल हुए थे. हमलावर ने इस कत्लेआम की फेसबुक पर लाइव स्ट्रीमिंग की थी और 'सफाई कर रहा हूं' जैसी बातें भी कही थीं.

ब्रेंटन नाम के इस शख्स के खिलाफ कुल 82 मामलों में सुनाई गई थी. हर कत्ल और हर इसके प्रयास के लिए सजा सुनाई गई है. सजा सुनाते वक्त जज ने दोषी से कहा- तुम हमारे देश में सिर्फ कत्लेआम के मदसद से आए थे, इस देश को इंसानियत के लिए जाना जाता है. बता दें कि न्यूजीलैंड के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी आरोपी को बिना पैरोल के उम्रकैद सुनाई गई है. आतंकी की सजा के ऐलान के दौरान पीड़ित परिवार मौजूद रहे. इस मामले की सुनवाई एक साल में पूरी हुई है.


जज ने कहा- ये इंसानियत के खिलाफ अपराधगौरतलब है की इस कत्लेआम में मरने वाले सबसे छोटे शख्स की उम्र महज 4 साल थी. ब्रेंटन की सजा का ऐलान क्राइस्टचर्च हाईकोर्ट के जज कैमरून मेंडर ने किया. कहा- यह जघन्य अपराध है और इंसानियत के खिलाफ है. यह हैरान करने वाली बात है कि किसी व्यक्ति के अंदर इतनी नफरत भी हो सकती है. उसे अपने किए पर कोई पछतावा भी नहीं है. पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि ब्रेंटन को अपने किये का कोई पछतावा नहीं है और वह इसके लिए शर्मिंदा भी महसूस नहीं करता.



ब्रेंटन 15 मार्च 2019 को ऑटोमैटिक राइफल और मैग्जीन के साथ क्राइस्टचर्च की एक मस्जिद में घुसा और फायरिंग शुरू कर दी. यहां उसने 40 लोगों को मार दिया था इसके बाद जब वह भागने लगा तो उसे कुछ दूर एक और मस्जिद नज़र आई. वह इसमें भी घुसा और फायरिंग कर दी. यहां 11 लोगों की मौत हुई थी. बता दें की ब्रेंटन 2017 में ऑस्ट्रेलिया से न्यूजीलैंड शिफ्ट हुआ था. यहां आकर किराए का मकान लिया और हथियार जुटाए. उसने घटना की फेसबुक पर लाइव स्ट्रीमिंग भी की थी. न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने इस घटना को न्यूजीलैंड के इतिहास का सबसे काला दिन करार दिया था.
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