इस देश में 17 दिन से कोरोना का कोई नया केस नहीं, आखिरी मरीज भी हुआ ठीक

इस देश में 17 दिन से कोरोना का कोई नया केस नहीं, आखिरी मरीज भी हुआ ठीक
न्यूजीलैंड में आखिरी कोरोना संक्रमित भी ठीक हुई

न्यूजीलैंड( News Zealand) में बीते 17 दिनों से देश में संक्रमण (Covid-19) का कोई नया केस सामने नहीं आया है, देश के अस्पतालों में भी कोई संक्रमित बाकी नहीं है. इसके आलावा आखिरी एक्टिव केस भी अब ठीक हो गया है जिसके बाद सोमवार आधी रात से देश में लागू प्रतिबंध आधी रात से ख़त्म कर देना का ऐलान कर दिया गया है.

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वेलिंगटन. न्‍यूजीलैंड (New Zealand) ने कोरोना वायरस (Coronavirus) पर जीत हासिल कर ली है. बीते 17 दिनों से देश में संक्रमण (Covid-19) का कोई नया केस सामने नहीं आया है, देश के अस्पतालों में भी कोई संक्रमित बाकी नहीं है. इसके आलावा आखिरी एक्टिव केस भी अब ठीक हो गया है जिसके बाद सोमवार आधी रात से देश में लागू प्रतिबंध आधी रात से ख़त्म कर देना का ऐलान कर दिया गया है. न्यूजीलैंड में कोरोना की आखिरी संक्रमित एक महिला थी जो कि बीते 48 घंटों से स्वस्थ है और उसमें अब कोई लक्षण नज़र नहीं आ रहा है.

प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डेन (Jacinda Ardern) ने ऐलान किया है कि उनका देश लेवन-1 अलर्ट से आगे बढ़ेगा जिसके तहत सोशल डिस्टेंसिंग के नियम लागू रहेंगे. सोमवार आधी रात से शादियों, अंतिम संस्‍कार और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बिना किसी पाबंदी के शुरू किया जाएगा. न्यूजीलैंड की आखिरी मरीज आकलैंड के एक अस्पताल में एडमिट थी जिन्हें अब डिस्चार्ज किये हुए भी 48 घंटे हो चुके हैं. पीएम ने कहा कि हम एक हफ्ता और इंतज़ार करेंगे, अगर कोई नया केस सामने नहीं आता है तो न्यूजीलैंड को दुनिया का पहला कोरोना मुक्त देश घोषित कर दिया जाएगा.





न्यूजीलैंड में थे 1500 से ज्यादा संक्रमित
बता दें कि 50 लाख की आबादी वाले इस देश में कुल 1504 लोग कोरोना की चपेट में आए थे और 22 लोगों की संक्रमण से मौत हुई थी. सभी केस खत्म होने के साथ ही न्यूजीलैंड ने एक ऐप लॉन्च किया है जिसकी मदद से हेल्थ केयर प्रफेशनल्स को केस के अपडेट्स मिलेंगे. न्यूजीलैंड को ये जीत सख्ती से कोरोना के लोकल ट्रांसमिशन को रोकने और ज्यादा से ज्यादा टेस्ट कर संक्रमण का क्लस्टर नहीं बनने दिया.

6 केस थे तभी बाहर से आने पर पाबंदी लगा दी
माइक्रोबायॉलजी प्रफेसर साउक्सी वाइल्स के मुताबिक इससे यह सीखने की जरूरत है कि ऐसा किया जा सकता है. वाइल्स ऑकलैंड यूनिवर्सिटी के बायोलूमिनिसेंट सुपरबग्स लैब की हेड हैं और उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डेन का काम काबिले तारीफ रहा है. वाइल्स का कहना है, 'हमारी प्रधानमंत्री ने फैसला किया कि जैसा इटली में हुआ है, वह न्यूजीलैंड में नहीं होने देंगी.' देश में पहला केस 26 फरवरी को पाया गया था. उधर, मार्च के बीच में इटली और स्पेन में केस तेजी से बढ़ रहे थे. तब PM ने न्यूजीलैंड आने वाले लोगों को क्वारंटीन करने का आदेश दे दिया. उस वक्त देश में 6 केस थे. 19 मार्च को उन्होंने बाहर से देश में आने पर पाबंदी लगा दी.

 

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