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महिला पत्रकार ने वजन पर टिप्‍पणी करने वाले को दिया तीखा जवाब, कहा - मैं आपकी 'आई कैंडी' नहीं

News18Hindi
Updated: November 8, 2019, 2:43 PM IST
महिला पत्रकार ने वजन पर टिप्‍पणी करने वाले को दिया तीखा जवाब, कहा - मैं आपकी 'आई कैंडी' नहीं
महिला पत्रकार नीना हैरल्‍सन के ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है कि महिलाओं को कैसे कपड़े पहनने चाहिए.

अमेरिका (US) के डब्‍ल्‍यूआरईजी न्‍यूज चैनल 3 (WREG News Channel 3) की एंकर नीना हैरल्‍सन (Nina Harrelson) ने दर्शकों से कहा कि उनकी बॉडी (Body) को लेकर टिप्‍पणी करना बंद करें क्‍योंकि पत्रकार न तो मॉडल (Models) होती हैं और न ही आपकी आई कैंडी (Eye Candy) हैं. दरअसल, एक दर्शक ने सोशल मीडिया (Social Media) पर लिखा कि नीना आप टीवी पर काफी भारी नजर आती (Mighty Big) हैं. नीना के ट्वीट को अब तक 1.25 लाख से ज्‍यादा लोग लाइक कर चुके हैं.

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  • Last Updated: November 8, 2019, 2:43 PM IST
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वॉशिंगटन. अमेरिका (US) के डब्‍ल्‍यूआरईजी न्‍यूज चैनल 3 (WREG News Channel 3) में काम करने वाली एक महिला पत्रकार (Woman Journalist) ने सोशल मीडिया (Social Media) के जरिये एक अहम मुद्दा उठाया है. उन्‍होंने लिखा कि पत्रकार न तो मॉडल्‍स (Models) होती हैं और न ही किसी की आई कैंडी (Eye Candy) हैं. नीना हैरल्‍सन (Nina Harrelson) डब्‍ल्‍यूआरईजी डे ब्रेक वीकेंड शो (Daybreak Weekend Show) को होस्‍ट करती हैं. उन्‍होंने एक ट्वीट शेयर करते हुए दर्शकों से कहा कि मेरे शरीर (Body) या वजन को लेकर टिप्‍पणी करना बंद कर दीजिए क्‍योंकि मैं किसी के लिए आई कैंडी के तौर पर नहीं दिखना चाहती हूं. मैं एक पत्रकार हूं न कि किसी के लिए आई कैंडी. दरअसल, एक अनजान दर्शक ने उनसे कहा था कि नीना आप टीवी पर काफी भारी (Mighty Big) नजर आती हैं.

'कोई महिला पत्रकार अपने शरीर को लेकर आपकी राय जानने की इच्‍छुक नहीं'
नीना ने कहा, 'कोई भी महिला पत्रकार अपनी बॉडी को लेकर आपकी राय (Opinion) जानने की इच्‍छुक नहीं है. हम आपकी आई कैंडी नहीं हैं.' उनके इस ट्वीट को रविवार से अब तक 1.25 लाख से ज्‍यादा लोग लाइक (Like) कर चुके हैं. इसे अब तक 10,000 बार री-ट्वीट (Re-Tweet) किया जा चुका है. इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया (Social Media) पर बहस छिड़ गई है कि महिलाओं को कैसे कपड़े पहनने चाहिए और पुरुष प्रधान (Male Dominated) समाज में गंभीरता से लिए जाने के लिए उन्‍हें किस तरह का व्‍यवहार करना चाहिए. कुछ यूजर्स ने लिखा कि महिलाओं के बारे में फालतू की राय बनाने या उन्‍हें बेवजह राय देना बंद किया जाना चाहिए.

गंभीर पत्रकारिता के बाद भी महिलाओं को लेकर नहीं बदली दोहरी मानसिकता

हैरल्‍सन का उठाया मुद्दा नया नहीं है. अमेरिका में 2016 के राष्ट्रपति चुनाव (Presidential Elections) के बाद के वर्षों में महिला पत्रकारों ने टीवी न्‍यूज रूम (News Room) के लिए कई लोकप्रिय चेहरे दिए. साथ ही कई महिला पत्रकारों ने राजनीतिक (Political), आर्थिक (Economical), रणनीतिक विचारों वाले शो को होस्‍ट (Host) किया. बावजूद इसके महिलाओं के साथ दोहरे मानक (Double Standard) अपनाए जाते रहे. गंभीर पत्रकारिता के बाद भी उनके लुक्‍स (Looks) को लेकर लोगों की सोच नहीं बदली. वॉक्‍स में लिखे एक ओपिनियन में पत्रकार ए. यैरो ने कहा कि जब टीवी पर महिलाओं की बात आती है तो स्‍क्रीन पर उनकी अपीयरेंस पर काफी जोर रहता है और इसे उनकी जॉब का हिस्‍सा माना जाता है. उन्‍होंने यह लेख 2017 में लिखा था.

'महिला और पुरुष पत्रकारों के लिए लुक्‍स के मामले में समान नहीं हैं नियम'
यैरो (Journalist Allsion Yarrow) ने लिखा, 'महिला पत्रकारों के लिए यह तय कर पाना काफी मुश्किल हो जाता है कि कब कोई व्‍यक्ति उन पर टिप्‍पणी करते हुए सीमा लांघ रहा है.' वह लिखती हैं कि लुक्‍स के मानक महिला और पुरुष पत्रकारों (Male Journalist) के लिए समान नहीं हैं. ऐसे में ये नियम (Rules) महिलाओं को सफलता की सीढ़ियां चढ़ने से रोकते हैं. अगर वे युवा (Young) नहीं हैं तो उन्‍हें कैमरे के पीछे धकेल दिया जाता है. डब्‍ल्‍यूआरईजी की पत्रकार नीना लिखती हैं कि नौ साल न्‍यूजरूम में काम करने के बाद मेरी चमड़ी काफी मोटी हो चुकी है यानी मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. मुझे उन युवा महिला पत्रकारों के लिए अफसोस है, जिन्‍हें इस तरह की टिप्‍पणियां झेलनी पड़ती हैं.
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First published: November 8, 2019, 1:37 PM IST
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