FATF में नहीं चला पाकिस्तान का कोई तिकड़म, जून 2020 तक ग्रे लिस्ट में ही रहना पड़ेगा

FATF में नहीं चला पाकिस्तान का कोई तिकड़म, जून 2020 तक ग्रे लिस्ट में ही रहना पड़ेगा
वैश्विक महामारी के प्रसार के काल में पाकिस्तान के अन्दर एक बार फिर सत्ता के लिए संघर्ष

अक्टूबर 2019 में हुई बैठक में पाकिस्तान के लिए जिस भाषा का प्रयोग किया गया था वह FATF की ब्लैक लिस्ट में शामिल ईरान के जैसा ही था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 21, 2020, 2:35 PM IST
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पेरिस. वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) की बैठक में पाकिस्तान (Pakistan) को फिलहाल क्लीन चिट नहीं दी गई है. पाकिस्तान जून 2020 तक 'ग्रे लिस्ट' में ही बना रहेगा. इस्लामाबाद को नसीहत दी गई है कि गई है कि अगर वह आतंकवाद समेत 25 पॉइंट वाले ऐक्शन प्लान को पूरा नहीं करता है, तो उसे 'ब्लैक लिस्ट' में डाल दिया जाएगा.

भारतीय दूतावास के सूत्रों के मुताबिक FATF के सदस्य देशों ने बैठक में ही पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि उसे 25 पॉइंट वाले प्रोग्राम को जल्द से जल्द अमल में लाना होगा, नहीं तो परिणाम बुरे हो सकते हैं. सिर्फ तुर्की और मलेशिया ने ही मीटिंग में ये कहा कि पाकिस्तान इन शर्तों को मानने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और बीते दिनों पाकिस्तान में हुई गिरफ्तारियों और लीडरशिप के बयानों से ये साबित भी होता है. दोनों ही देशों ने पाकिस्तान के प्रति नरमी दिखाने के लिए भी कहा.

FATF की बैठक में नहीं चली पाकिस्तान की तिड़कम
इमरान सरकार ने जनता से वादा किया था कि वह फरवरी में FATF की ग्रे लिस्ट से बाहर निकल जाएगा. चीन, मलेशिया और तुर्की की मदद से पाकिस्तान 'ब्लैक लिस्ट' में जाने तो बच गया, लेकिन उसे 'ग्रे लिस्ट' से बचने के लिए 13 देशों के समर्थन की जरूरत थी, जो उसे नहीं मिली.






FATF की चिंताओं पर पाकिस्तान कार्रवाई करने में सफल नहीं रहा है, ऐसे में उसके लिए आने वाला समय काफी मुश्किलों भरा रहने वाला है. FATF ने अपने सदस्यों से पाकिस्तान के के तमाम कारोबारी रिश्ते और वित्तीय लेन-देन पर नजर रखने को कहा है.

तुर्की-मलेशिया हैं खुलकर साथ
तुर्की के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगान ने पाकिस्तान का पक्ष लेते हुए ये दावा किया कि तुर्की की एजेंसियां पाकिस्तान की आतंकवाद से निपटने में पूरी मदद कर रही हैं. मलेशिया ने भी कहा कि आतंकियों के खिलाफ इमरान सरकार के प्रयास सराहनीय हैं. हालांकि FATF के अन्य देशों ने पाकिस्तान को जून 2020 तक शर्तों को अमल में लाने की हिदायत दी है नहीं तो उसके ब्लैकलिस्ट हो जाने की आशंका बेहद ज्यादा है. पाकिस्तान ने इस मीटिंग में कहा कि भारत ने उसके खिलाफ दुष्प्रचार किया है कि यूएन द्वारा घोषित 130 आतंकी सरगना पाकिस्तान में मौजूद हैं.

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