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धरती पर एक जगह ऐसी भी, जहां पानी होने के बाद भी पनप नहीं पाया जीवन

यूरोप के शोधकर्ताओं को इथियोपिया के डैलोल के जियो-थर्मल क्षेत्र के अध्‍ययन में पता चला है कि इस इलाके में पानी होने के बाद भी सूक्ष्‍म जीव तक नहीं हैं.

यूरोप के शोधकर्ताओं को इथियोपिया के डैलोल के जियो-थर्मल क्षेत्र के अध्‍ययन में पता चला है कि इस इलाके में पानी होने के बाद भी सूक्ष्‍म जीव तक नहीं हैं.

यूरोपीय शोधकर्ताओं (European Researchers) के मुताबिक, इथियोपिया के डैलोल के जियो-थर्मल क्षेत्र (Dallol Geothermal Field) के गर्म, खारे (Saline), एसिडिक (Acid) तालाबों में जीवन असंभव है. इन तालाबों में सूक्ष्म जीव (Microbial Life) तक नहीं हैं. यहां के पानी, हवा और वातावरण में एसिड, नमक व जहरीली गैसें ज्यादा हैं. इस जगह की पीएच वैल्यू (pH Value) निगेटिव है. इसलिए भी यहां जीवन की संभावना नहीं है.

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    मैड्रिड. अमेरिका की हवाई यूनिवर्सिटी (Hawaii University) के मुताबिक, पृथ्‍वी (Earth) पर 87 लाख जीव-जंतुओं की प्रजातियां (Species) मौजूद हैं, लेकिन इसी धरती पर एक ऐसी जगह भी है जहां इनमें से एक भी प्रजाति का नामोनिशान तक नहीं है. यूरोपीय शोधकर्ताओं (European Researchers) के मुताबिक, धरती के इस हिस्‍से पर पानी तो है लेकिन जीवन की कोई संभावना नहीं है. यहां सर्दी के मौसम (Winters) में भी अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है. नेचर इकोलॉजी एंड इवोल्यूशन मैगजीन (NEE) में प्रकाशित शोध के अनुसार, शोधकर्ताओं का मानना है कि इथियोपिया (Ethiopia) में मौजूद इस जगह का वातावरण मंगल ग्रह (Mars Like Environment) से काफी मिलता-जुलता है.

    एसिडिक तालाबों में सूक्ष्‍म जीव तक नहीं हैं
    अध्‍ययन में पता चला है कि इथियोपिया के डैलोल के जियो-थर्मल क्षेत्र (Dallol Geothermal Field) के गर्म, खारे (Saline), एसिडिक (Acid) तालाबों में जीवन असंभव है. इन तालाबों में सूक्ष्म जीव (Microbial Life) तक नहीं हैं. यहां के पानी, हवा और वातावरण में एसिड, नमक व जहरीली गैसें ज्यादा हैं. इस जगह की पीएच वैल्यू (pH Value) निगेटिव है. इसलिए भी यहां जीवन की संभावना नहीं है. यहां धरती का सबसे खतरनाक और खराब वातावरण है. यहां मैग्नीशियम बहुतायत में पाया जाता है. यहां मौजूद झील के अंदर छोटे-छोटे ज्वालामुखी (Volcano) हैं, जो पूरे साल जहरीली गैसें और रसायन उगलते रहते हैं. इसी वजह से यहां की जमीन सतरंगी हो चुकी है.

    ये इलाका खारे पानी, सल्‍फर, नमक, तांबे की अधिक मात्रा के कारण सतरंगी नजर आता है.


    इसलिए रंग-बिरंगा दिखता है ये पूरा इलाका
    फ्रेंच-स्पेनिश वैज्ञानिकों की टीम ने कहा कि इस जगह पर पृथ्वी की तीन कॉन्टिनेंटल प्लेट आपस में टकराती हैं. इसी कारण यहां धरती से लावा और एसिड भी बाहर आता रहता है. यह जगह समुद्र की सतह से करीब 330 फुट नीचे है. यहां बरसात न के बराबर होती है. खारा पानी जब ज्वालामुखी से निकलने वाले खनिजों और लावा के साथ मिलता है, तो कई तरह के चमकीले रंग पैदा करता है. एसिडिक तालाब में जब सल्फर और नमक एक दूसरे के साथ मिलते हैं तो चमकीला पीला रंग दिखाई देता है. जब ये तांबा नमक के साथ मिलता है तो चमकीला फिरोजी रंग तैयार होता है. इसी कारण ये इलाका रंग-बिरंगा नजर आता है.

    पृथ्‍वी का सबसे गर्म वातावरण वाला इलाका
    शोधकर्ताओं के मुताबिक, इस जगह को खोजने का उद्देश्य जीवन की संभावनाओं को कम करने वाले कारणों के बारे में शुरुआती जानकारी पाना है. स्पेनिश फाउंडेशन फॉर साइंस ऐंड टेक्नालॉजी (FECYT) के शोधकर्ताओं ने बताया कि यह पृथ्वी पर स्थित सबसे गर्म वातावरण वाले क्षेत्रों में एक है. अध्ययन की सह-लेखिका लोपेज गार्सिया ने बताया कि पिछले अनुसंधानों की तुलना में हमने इस बार अधिक नमूनों की जांच की. इसे बाद हम इस नतीजे पर पहुंचे कि इन खारे, गर्म और अल्ट्रा ऐसिडिक तालाबों में सूक्ष्म जीवों के पनपने की भी संभावना शून्य है. बता दें कि पहले हुए अनुसंधानों में कहा गया था कि यहां जीवन पनप सकता है, लेकिन संभावनाएं बहुत कम हैं.

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