हिमंत बिस्व सरमा के बयान पर बांग्लादेश के गृह मंत्री बोले- 1971 के बाद हमारे यहांं से कोई भारत नहीं गया

असम सरकार में वित्त मंत्री हिमंता बिस्व सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने कहा था कि बांग्लादेश (Bangladesh) सरकार भारत (India) की मित्र है और वह हमारे साथ सहयोग कर रहे हैं. सरमा के इस बयान के कुछ ही घंटे के बाद बांग्लादेश की ओर से इस पर प्रतिक्रिया आई है.

News18Hindi
Updated: September 1, 2019, 9:20 PM IST
हिमंत बिस्व सरमा के बयान पर बांग्लादेश के गृह मंत्री बोले- 1971 के बाद हमारे यहांं से कोई भारत नहीं गया
बांग्लादेश के गृह मंत्री असद्दुज़्ज़्मान खान ने दावा किया है कि जहां तक उन्हें मालूम है तो उनके देश का कोई भी नागरिक 1971 के बाद भारत नहीं गया.
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Updated: September 1, 2019, 9:20 PM IST
असम (Assam) में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिज़न (National Register of Citizen) की फाइनल लिस्ट शनिवार को जारी कर दी गई. इस लिस्ट में 19 लाख से ज्यादा लोगों का नाम शामिल नहीं किया गया है. इसी को लेकर असम सरकार में वित्त मंत्री हिमंता बिस्व सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने कहा था कि वह अपने दोस्त बांग्लादेश (Bangladesh) से संपर्क करेंगे और उन्हें अपने लोगों को वापस ले जाने के लिए कहेंगे. हिमंता ने कहा था कि बांग्लादेश सरकार भारत की मित्र है और वह हमारे साथ सहयोग कर रहे हैं. सरमा के इस बयान के कुछ ही घंटे के बाद बांग्लादेश की ओर से इस पर प्रतिक्रिया आई है.

बांग्लादेश के गृह मंत्री असद्दुज़्ज़्मान खान (Bangladesh Home Minister Asaduzzaman Khan) ने दावा किया है कि जहां तक उन्हें मालूम है तो उनके देश का कोई भी नागरिक 1971 के बाद भारत नहीं गया. ढाका से न्यूज़18 से एक्सक्लूसिव बातचीत में खान ने कहा कि हां मुझे जानकारी है कि असम में एनआरसी की सूची जारी हो गई है. ये पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है और इससे हमें कोई लेना-देना नहीं है.

सरमा ने दिया था ये बयान
शनिवार को भारतीय जनता पार्टी की पूर्वोत्तर विंग नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस के संयोजक सरमा ने कहा था कि बांग्लादेश भारत सरकार का दोस्त है और इस मामले में हमारी मदद कर रहा है. वे हमारा सहयोग कर रहे हैं और जब हमने अवैध शरणार्थियों के मामले पेश किए तो वह अपने लोगों को लगातार वापस ले रहे हैं. ये संख्या ज्यादा नहीं है, लेकिन अब हमारे पास लोगों को पहचानने के लिए एक प्रक्रिया होगी.

खान बोले- NRC का बांग्लादेश से कोई लेना-देना नहीं
सरमा के इस बयान पर जब खान से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बांग्लादेश का एनआरसी से कुछ भी लेना-देना नहीं है. मैं फिर से कहना चाहता हूं कि भारत का अंदरूनी मामला है. मुझे नहीं मालूम कि किसने इसे लेकर क्या कहा है. पहले भारत इस मामले पर हमसे औपचारिक बातचीत करे तब हम इस पर कोई भी जवाब देंगे. खान ने कहा कि बस मैं यह ही कह सकता हूं कि 1971 के बाद कोई भी बांग्लादेश से भारत नहीं गया है. यह संभव हो सकता है कि वे (मुख्यत: बंगाली) भारत के ही अलग-अलग हिस्सों से असम में बस गए हों लेकिन वे बांग्लादेश से नहीं गए हैं.

बांग्लादेश के गृह मंत्री ने कहा कि जब से बांग्लादेश बना है भारत हमारे साथ है. हमारे रिश्ते भारत के साथ काफी अच्छे हैं. भारत हमारा दोस्त है और जहां तक एनआरसी की बात है मैं यह ही कह सकता हूं कि बांग्लादेश से कोई भी 1971 के बाद भारत नहीं गया है. उन्होंने ये भी कहा मुझे नहीं लगता कि भारत सरकार किसी को भी बांग्लादेश की तरफ भेजेगी.
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शनिवार को जारी हुई है अंतिम सूची
शनिवार को एनआरसी की फाइनल लिस्ट जारी होने के बाद 19 लाख से ज्यादा लोग इसमें शामिल नहीं हुए हैं. इसके लिए 3,30,27,661 लोगों ने आवेदन किया था जिसमें से 3,11,21,004 लोगों का नाम एनआरसी में दर्ज हुआ जबकि बचे हुए 19,06,657 लोगों का नाम इस लिस्ट में नहीं है. अब जिन लोगों का नाम इसमें दर्ज नहीं है उन्हें 120 दिन में यानी 31 दिसंबर से पहले फॉरेनर्स ट्रिब्युनल में अपील करनी होगी.

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First published: September 1, 2019, 6:56 PM IST
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