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कश्मीर पर भारत के कदम के बाद राजनयिक संबंध की संभावना नहीं : कुरैशी

भाषा
Updated: October 16, 2019, 11:20 PM IST
कश्मीर पर भारत के कदम के बाद राजनयिक संबंध की संभावना नहीं : कुरैशी
भारत-पाक के बीच जारी तनाव के बीच कुरैशी ने ये बात कही है. (फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) को विशेष दर्जा दिया जाने वाला अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद पाकिस्तान (Pakistan) ने भारत (India) के साथ राजनयिक संबंध कम कर लिए थे.

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इस्लामाबाद. पाकिस्तान (Pakistan) के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (Shah Mehmood Qureshi) ने जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) का विशेष दर्जा वापस लिए जाने के बाद भारत (India) के साथ राजनयिक संबंध की किसी भी संभावना से बुधवार को इनकार किया. कुरैशी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पाकिस्तान, भारत के साथ बैठकों के खिलाफ नहीं है लेकिन इसके लिए यह उचित समय नहीं है.

भारत द्वारा गत पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) का विशेष दर्जा वापस लिए जाने के बाद इन दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है. पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे (Kashmir Issue) का अंतरराष्ट्रीयकरण करने का प्रयास किया लेकिन भारत लगातार कहता रहा कि अनुच्छेद 370 (Article 370) के प्रावधानों को हटाया जाना उसका 'आंतरिक मामला' है.

कुरैशी ने कहा- बातचीत से नहीं भागे
कुरैशी ने यहां पत्रकारों से कहा, 'पाकिस्तान ने वार्ता के माध्यम से भारत के साथ मुद्दों का समाधान करने से परहेज नहीं किया है और प्रधानमंत्री इमरान खान का पहले दिन से ही सकारात्मक रवैया रहा है. लेकिन वे (भारत) वार्ता से भागते रहे है... और उन्होंने पांच अगस्त को संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के प्रस्तावों के खिलाफ कदम उठाया.'

उन्होंने कहा, ‘‘मैं निकट भविष्य में (ऐसी स्थितियों में) किसी भी राजनयिक संबंध के बारे में नहीं सोचता हूं. यहां तक कि अगर कुछ मित्र बैठक चाहते हैं तो यह व्यर्थ ही होगा.’’

ईरान और सऊदी को लेकर कही ये बात
कुरैशी ने प्रधानमंत्री खान की ईरान (Iran) और सऊदी अरब (Saudi Arab) की यात्राओं के बारे में भी कहा कि दो देशों के नेताओं के साथ उनकी बैठकें सकारात्मक रही है. उन्होंने दावा किया कि सऊदी और ईरानी नेताओं ने कश्मीर पर पाकिस्तान के रुख का समर्थन किया.
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एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ पाकिस्तान के संबंध पिछली सरकारों की तुलना में अब बहुत बेहतर हुए है. उन्होंने कहा, ‘‘यदि राष्ट्रपति (डोनाल्ड) ट्रंप उत्सुकता से किसी एक कॉल का इंतजार करेंगे, तो वह प्रधानमंत्री खान का होगा.’’

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First published: October 16, 2019, 10:37 PM IST
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