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इथियोपिया के पीएम अहमद अली को मिलेगा इस साल का नोबेल शांति पुरस्‍कार

News18Hindi
Updated: October 11, 2019, 3:38 PM IST
इथियोपिया के पीएम अहमद अली को मिलेगा इस साल का नोबेल शांति पुरस्‍कार
इ‍थोपिया के पीएम अहमद अली ने एरिट्रिया से विवाद सुलझाने के लिए कई पहल शुरू कीं और शांति बहाल की.

इथियोपिया के पीएम ए. अहमद अली (Abiy Ahmed Ali) ने 2018 में प्रधानमंत्री बनते ही साफ कर दिया था कि वह एरिट्रिया के साथ शांति वार्ता दोबारा शुरू करेंगे और एरिट्रिया के राष्ट्रपति इसाइआस अफवेरकी के साथ शांति समझौते के लिए तेजी से काम किया.

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  • Last Updated: October 11, 2019, 3:38 PM IST
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ओस्‍लो. दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्‍कार नोबेल पीस प्राइज (Nobel Peace Prize) इस साल इथियोपिया के प्रधानमंत्री (Ethiopian Prime Minister) को दिया जाएगा. इथियोपिया के पीएम ए. अहमद अली (A. Ahmed Ali) को पड़ोसी देश एरिट्रिया (Eritrea) के साथ सीमा विवाद (Border Conflict) को सुलझाने, शांति प्रयासों और अंतरराष्‍ट्रीय सहयोग के लिए इस पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया जाएगा. नोबेल प्राइज कमेटी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अहमद अली ने एरिट्रिया से विवाद सुलझाने के लिए कई पहल शुरू कीं और शांति बहाल की. नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा नॉर्वे की संसद की ओर से चुनी गई पांच सदस्यीय समिति करती है.

पूर्व आर्मी इंटेलिजेंस अफसर अहमद अली ने देश में लागू किए कई सुधार
आर्मी इंटेलिजेंस ऑफिसर रहे अहमद अली ने पड़ोसी देश एरिट्रिया के साथ 20 साल से चल रहे सीमा विवाद सुलझाने के लिए कदम उठाए. नॉर्वे की नोबेल समिति ने इन कोशिशों के लिए उन्‍हें नोबेल पुरस्कार दिया. उनको मिले इस सम्मान से इथियोपिया और पूर्व व उत्तर-पूर्व अफ्रीकी क्षेत्र में शांति के लिए प्रयास कर रहे सभी लोगों को भी पहचान मिली है. अहमद अली ने देश में बड़े पैमाने पर आर्थिक और राजनीतिक सुधार लागू किए. उन्‍होंने 2018 में प्रधानमंत्री बनते ही साफ कर दिया था कि वह एरिट्रिया के साथ शांति वार्ता दोबारा शुरू करेंगे. एरिट्रिया के राष्ट्रपति इसाइआस अफवेरकी के साथ अहमद अली ने शांति समझौते के लिए तेजी से काम किया और दोनों देशों के बीच विवाद को खत्म किया.

तीन वैज्ञानिकों को दिया जाएगा केमिस्‍ट्री के क्षेत्र का नोबेल
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इससे पहले रसायन (Chemistry) के क्षेत्र में 2019 का नोबेल पुरस्कार अमेरिका के जॉन वी. गुडइनफ, ब्रिटेन के स्टैनली विटिंघम और जापान के अकीरा योशिनो को दिया जाएगा. तीनों वैज्ञानिकों को लीथियम आयन बैटरी के विकास में अहम भूमिका के लिए चुना गया है. इनके प्रयास से लीथियम आयन बैटरी की क्षमता दोगुनी हुई. अधिक उपयोगी होने से आज यह बैटरी मोबाइल फोन, लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक वाहनों में इस्तेमाल हो रही है. 97 साल के गुडइनफ यह पुरस्कार पाने वाले सबसे उम्रदराज विजेता होंगे. उनसे पहले पिछले साल 96 साल के आर्थर अश्किन को नोबेल मिला था.

फिजिक्‍स के क्षेत्र में योगदान के लिए भी तीन होंगे सम्‍मानित
फिजिक्‍स (Physics) के क्षेत्र में 2019 के लिए नोबेल पुरस्कार की भी घोषणा कर दी गई है. इस बार तीन लोगों को भौतिक विज्ञान में योगदान के लिए नोबेल दिया गया है. जेम्स पीबल्स को ब्रह्मांड विज्ञान पर नए सिद्धांत रखने के लिए, जबकि मिशेल मेयर और डिडिएर क्वेलोज को सौरमंडल से परे एक नया ग्रह खोजने के लिए संयुक्त रूप से पुरस्कार दिया गया है. जेम्स पीबल्स कनाडाई मूल के अमेरिकी नागरिक हैं. उन्होंने बिग बैंग, डार्क मैटर और डार्क एनर्जी पर जो काम किया है, उसे आधुनिक ब्रह्मांड विज्ञान का आधार माना जाता है. मिशेल और डिडिएर ने 51 पेगासी बी ग्रह की खोज की थी.

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First published: October 11, 2019, 2:59 PM IST
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