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Nobel Prize 2019: नोबेल पुरस्कार लेने भारतीय वेशभूषा में पहुंचे अभिजीत और उनकी पत्नी

News18Hindi
Updated: December 11, 2019, 10:30 AM IST
Nobel Prize 2019: नोबेल पुरस्कार लेने भारतीय वेशभूषा में पहुंचे अभिजीत और उनकी पत्नी
पारंपरिक वेशभूषा में अभिजीत बनर्जी और उनकी पत्नी एस्थर डफलो

रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने वैश्विक गरीबी को कम करने के लिए प्रयोगात्मक रिसर्च के लिए अभिजीत बनर्जी, एस्थर डफलो और माइकल क्रेमर (Michael Kremer) को अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार 2019 के लिए चुना था.

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  • Last Updated: December 11, 2019, 10:30 AM IST
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स्टॉकहोम. मशहूर अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी (Abhijit Banerjee ) और उनकी पत्नी एस्थर डफलो (Esther Duflo) मंगलवार को स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम के स्टॉकहोम सिटी हॉल में नोबेल पुरस्कार लेने के लिए पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचें. स्वीडन के राजा कार्ल गुस्ताफ ने उन्हें अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में दिया जाने वाला यह पुरस्कार सौंपा.

रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने वैश्विक गरीबी को कम करने के लिए प्रयोगात्मक रिसर्च के लिए अभिजीत बनर्जी, एस्थर डफलो और माइकल क्रेमर (Michael Kremer) को अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार 2019 के लिए चुना था. नोबेल समिति की तरफ से बयान में कहा गया, 'उन्होंने वैश्विक गरीबी को कम करने में मदद की और दुनिया भर में सबसे गरीब लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए अपना पूर्ण योगदान दिया.'



भारत में जन्मे और पले-बढ़े अभिजीत बनर्जी को इस साल का अर्थशास्त्र का नोबेल विजेता चुना गया. बनर्जी के साथ उनकी पत्नी एस्थर डफलो (Esther Duflo) और माइकल क्रेमर (Michael Kremer) को भी संयुक्त रूप से इस पुरस्कार से नवाज़ा गया था.



अभिजीत बनर्जी फिलहाल अमेरिका (USA) के नागरिक हैं और मैसेचुसेट्स में फोर्ड फाउंडेशन में प्रोफेसर हैं. इसके अलावा वह हार्वर्ड (Harvard) और प्रिंसटन यूनिवर्सिटियों में भी पढ़ाते हैं. उनका ज्यादातर काम डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स के क्षेत्र में है. एस्थर डफलो, क्रेमर, जॉन लिस्ट और सेंथिल मुलैयानाथन के साथ मिलकर उन्होंने अर्थशास्त्र में अहम पद्धतियां खोजी हैं, जिनसे वैश्विक गरीबी (Global Poverty) की समस्या से लड़ने में मदद मिली.



बनर्जी के माता-पिता निर्मला बनर्जी और दीपक बनर्जी दोनों ही अर्थशास्त्र के प्रोफेसर रहे. 1981 में कलकत्ता के प्रेसिडेंसी कॉलेज से अर्थशास्त्र में बीएस की डिग्री के बाद बनर्जी ने अर्थशास्त्र में एमए की डिग्री दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से ली थी. इसके बाद उन्होंने 1988 में हार्वर्ड से डॉक्टरेट हासिल किया और उनका शोध 'सूचनात्मक अर्थशास्त्र' पर आधारित था.

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First published: December 11, 2019, 9:53 AM IST
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