JNU से पढ़े अभिजीत बनर्जी, उनकी पत्नी डफलो और माइकल क्रेमर को मिला अर्थशास्त्र का नोबेल

कोलकाता (Kolkata) में जन्मे अभिजीत बनर्जी (Abhijit Banerjee) अमेरिकी अर्थशास्त्री हैं. वह वर्तमान में एमआईटी (MIT) में फोर्ड फाउंडेशन इंटरनेशनल प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत हैं.

कोलकाता (Kolkata) में जन्मे अभिजीत बनर्जी (Abhijit Banerjee) अमेरिकी अर्थशास्त्री हैं. वह वर्तमान में एमआईटी (MIT) में फोर्ड फाउंडेशन इंटरनेशनल प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत हैं.

कोलकाता (Kolkata) में जन्मे अभिजीत बनर्जी (Abhijit Banerjee) अमेरिकी अर्थशास्त्री हैं. वह वर्तमान में एमआईटी (MIT) में फोर्ड फाउंडेशन इंटरनेशनल प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 14, 2019, 4:19 PM IST
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नई दिल्ली. इकोनॉमिक साइंसेस (Economic Sciences) के नोबेल प्राइज़ (Nobel Price) की घोषणा हो गई है. इस साल अर्थशास्त्र का नोबेल अभिजीत बनर्जी (Abhijit Banerjee), एस्टर डफलो (Esther Duflo) और माइकल क्रेमर (Michael Kremer) को दिया गया है. उन्हें यह पुरस्कार ‘वैश्विक स्तर पर गरीबी उन्मूलन के लिए किये गये कार्यों के लिये दिया गया.

नोबेल समिति के सोमवार को जारी एक बयान में तीनों को 2019 का अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की गई.

बयान के मुताबिक, ‘‘इस वर्ष के पुरस्कार विजेताओं का शोध वैश्विक स्तर पर गरीबी से लड़ने में हमारी क्षमता को बेहतर बनाता है. मात्र दो दशक में उनके नये प्रयोगधर्मी दृष्टिकोण ने विकास अर्थशास्त्र को पूरी तरह बदल दिया है. विकास अर्थशास्त्र वर्तमान में शोध का एक प्रमुख क्षेत्र है.’’



कोलकाता में जन्मे अभिजीत बनर्जी अमेरिकी अर्थशास्त्री हैं. वह वर्तमान में एमआईटी में फोर्ड फाउंडेशन इंटरनेशनल प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत हैं. बनर्जी अब्दुल लतीफ जमील पोवर्टी एक्शन लैब में एस्टर डुफलो और सेंधिल मुल्लईनाथन के साथ को-फाउंडर हैं. ये इनोवेशन ऑफ़ पॉवर्टी एक्शन और ये कंसोर्टियम फ़ॉर फ़ाइनेंशियल सिस्टम्स एंड पॉवर्टी के सदस्य भी हैं.
कोलकाता और जेएनयू से की है पढ़ाई

अभिजीत ने कोलकाता में अपनी पढ़ाई साउथ प्वाइंट स्कूल और प्रेसिडेंसी कॉलेज से की. जहां से उन्होंने 1981 में इकोनॉमिक्स में बीएस की डिग्री ली. बाद में उन्होंने 1983 में नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University) से इकोनॉमिक्स से एमए किया. इसके बाद में उन्होंने 1988 में अमेरिका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय (Harvard University) से इकोनॉमिक्स में डिग्री ली. उनके डॉक्टरेट थीसिस का विषय 'एसेज़ इन इंफॉर्मेशन इकोनॉमिक्स' था.

बनर्जी संयुक्तराष्ट्र महासचिव की ‘2015 के बाद के विकासत्मक एजेंडा पर विद्वान व्यक्तियों की उच्च स्तरीय समिति’ के सदस्य भी रह चुके हैं.

एस्टर डफलो और माइकल क्रीमर को भी मिला नोबेल

अभिजीत बनर्जी के साथ यह पुरस्कार उनकी पत्नी एस्टर डफलो को भी दिया गया है. एस्टर फ्रेंच अमेरिकी अर्थशास्त्री हैं. एस्टर और बनर्जी ने 2015 में शादी की थी. 1972 में पैदा हुईं डफलो के पिता माइकल डफलो गणित के प्रोफेसर थे वहीं उनकी मां एक डॉक्टर थीं. डफलो को इसके पहले भी कई पुरस्कार से नवाजा जा चुका है.

वहीं माइकल रॉबर्ट क्रीमर अमेरिकी डेविलपमेंट अर्थशास्त्री हैं. वह वर्तमान में हार्वर्ड में डेविलपिंग सोसाइटीज़ के गेट्स प्रोफेसर हैं. 54 साल के माइकल अमेरिका के रहने वाले हैं.

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