लाइव टीवी

कैंसर-एनीमिया के इलाज पर बड़ी खोज के लिए दिया गया इस बार चिकित्सा का नोबेल

News18Hindi
Updated: October 7, 2019, 5:16 PM IST
कैंसर-एनीमिया के इलाज पर बड़ी खोज के लिए दिया गया इस बार चिकित्सा का नोबेल
मेडिसिन के लिए नोबेल पुरस्कारों की घोषणा हो चुकी है (News18 क्रिएटिव)

अमेरिकी वैज्ञानिकों (American Scientists) विलियम केलिन, ग्रेग सेमेंज़ा और ब्रिटिश विज्ञानी (British Scientist) पीटर रैटक्लिफ को इस बार का चिकित्सा के लिए नोबेल मिला है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 7, 2019, 5:16 PM IST
  • Share this:
स्टॉकहोम (स्वीडन). फिजियोलॉजी (Physiology) या चिकित्सा (Medicine) के लिए नोबेल पुरस्कारों (Nobel Prize) की घोषणा कर दी गई है. इस बार यह अवॉर्ड दो अमेरिकी (American) और एक ब्रिटिश (British) वैज्ञानिकों को दिया गया. इन वैज्ञानिकों का योगदान इस बारे में रहा है कि कैसे कोशिकाएं (Cells) महसूस करती हैं और कैसे वे मौजूद ऑक्सीजन (Oxygen) का उपयोग करती हैं. इस खोज के बारे में माना जा रहा है कि यह भविष्य में एनीमिया और कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ने के लिए नए रास्ते खोल देगी.

अमेरिकी वैज्ञानिकों विलियम जी केलिन (William G. Kaelin Jr) और ग्रेग एल सेमेंज़ा (Gregg L. Semenza) और ब्रिटिश वैज्ञानिक पीटर जे रेटक्लिफ (Peter J. Ratcliffe) को इस खोज में योगदान देने के लिए संयुक्त रूप से यह पुरस्कार दिया गया है.

एनीमिया और कैंसर जैसी बीमारियों से निजात दिला सकती है इनकी खोज
तीनों ही वैज्ञानिकों ने मॉलिक्यूलर मशीनरी को समझा, जो कि ऑक्सीजन की अलग-अलग उपलब्धता के आधार पर जीन की गतिविधियों को नियंत्रित करती है.

ऑक्सीजन (Oxygen) की सेंसिंग कई बीमारियों के मामले में महत्वपूर्ण रोल अदा करती है. नोबल प्राइज कमेटी ने पुरस्कारों की घोषणा करते हुए कहा, इस बार के नोबेल पुरस्कार विजेताओं की खोज का फिजियोलॉजी के क्षेत्र में मूलभूत महत्व है और इसने आगे एनीमिया (Anemia), कैंसर (Cancer) और ऐसी कई बीमारियों से लड़ने के लिए नई रणनीति बनाने के रास्ते खोल दिए हैं.

इंसुलिन की खोज करने पर दिया गया था सबसे कम उम्र में चिकित्सा का नोबेल
बता दें कि 1901 से लेकर 2018 तक चिकित्सा के क्षेत्र में 216 लोगों को यह पुरस्कार दिया जा चुका है. अभी तक 12 महिलाओं को इस क्षेत्र में नोबेल मिला है. 2009 में यह एक साथ दो महिलाओं को दिया गया था.
Loading...

चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल पाने वाले सबसे युवा वैज्ञानिक फ्रेडरिक जी. बैटिंग (32) रहे हैं. उन्हें 1923 में यह पुरस्कार की इंसुलिन की खोज के लिए मिला था. इस क्षेत्र में नोबेल पाने वाले सबसे उम्रदराज विज्ञानी पेटोन राउस (87) रहे हैं, जिन्हें ट्यूमर इंड्यूसिंग वायरस की खोज के लिए 1966 में यह पुरस्कार मिला था.

यह भी पढ़ें: 

अंतरिक्ष से ऐसा दिखता है मक्‍का, पहले अरबी एस्ट्रोनॉट ने शेयर की तस्वीर
हांगकांग: नकाब प्रतिबंध के उल्लंघन पर प्रदर्शनकारी अदालत में पेश
मलेशिया में पूर्व पीएम के भाई समेत कई लोगों पर लगा 10 करोड़ डॉलर का जुर्माना

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए दुनिया से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 7, 2019, 3:47 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...