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गुरु गोबिन्द सिंह जयंती पर गैर सिखों को करतारपुर गुरुद्वारे में नहीं मिलेगा प्रवेश

कोरोना के कारण पाकिस्तान के करतारपुर साहिब गुरुद्वारे की यात्रा पर भी रोक
कोरोना के कारण पाकिस्तान के करतारपुर साहिब गुरुद्वारे की यात्रा पर भी रोक

सिख धर्म (Sikh Religion) के संस्थापक गुरु नानक (Guru Nanak) ने अपने जीवन के अंतिम वर्ष गुरुद्वारा दरबार साहिब (Gurdwara Darbar Sahib) में ही बिताए थे.

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लाहौर. करतारपुर (Kartarpur) स्थित ऐतिहासिक दरबार साहिब गुरुद्वारे (Gurdwara Darbar Sahib) को पाकिस्तान (Pakistan) गुरु गोबिन्द सिंह जयंती समारोह (Guru Gobind Singh Jayanti Celebration) पर स्थानीय गैर सिखों (Local Non Sikhs) के लिए शुक्रवार से तीन दिन के लिए बंद रखेगा.

सिख धर्म (Sikh Religion) के संस्थापक गुरु नानक (Guru Nanak) ने अपने जीवन के अंतिम वर्ष गुरुद्वारा दरबार साहिब में ही बिताए थे.

'3 से 5 जनवरी तक पाकिस्तानी गैर सिखों को करतारपुर साहिब में प्रवेश न देने का फैसला'
करतारपुर कॉरिडोर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत (Punjab Province) के करतारपुर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारत में पंजाब प्रांत के गुरदासपुर जिला (Gurdaspur District) स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे से जोड़ता है.
इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीबीपी) के प्रवक्ता आमिर हाशमी ने पीटीआई से कहा कि पाकिस्तान सरकार ने गुरु गोबिन्द सिंह जयंती समारोह पर तीन से पांच जनवरी तक पाकिस्तानी गैर सिखों (Non-Sikhs) को करतारपुर साहिब में प्रवेश न देने का निर्णय किया है.



9 नवंबर को किया गया था करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन
ईटीपीबी (ETPB) पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों से जुड़े धार्मिक स्थलों की देखरेख का काम करता है.

प्रधानमंत्री इमरान खान ने 9 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन किया था. गुरु नानक देव (Guru Nanak Dev) की 550वीं जयतीं के अवसर पर हुए इस उद्घाटन के बाद से भारतीय सिख श्रद्धालु (Sikh pilgrims) बिना वीजा के दर्शन के लिए पाकिस्तान के करतारपुर जाने लगे.

इमरान खान ने कहा था, 'सिर्फ एक साल पहले करतारपुर के बारे में पता चला'
इस उद्घाटन के दौरान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने वहां मौजूद 12,000 श्रद्धालुओं को संबोधित भी किया था. इन श्रद्धालुओं में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) भी शामिल थे. यहां क्रिकेटर से नेता बने नवजोत सिंह सिद्धू भी मौजूद थे. इमरान ने इस मौके पर कहा था, 'मुझे इस स्थान के महत्व के बारे में बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी और इसके बारे में मुझे एक साल पहले ही पता चला. मैं खुश हूं कि मैं आपके लिए यह कर सका.'

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