अब फ्रिज में 1 महीने तक रखी जा सकेगी फाइजर की वैक्सीन, EU के ड्रग नियामक ने दी अनुमति

अमेरिका ने भी फाइजर के ट्रांसपोर्ट की कुछ शर्तों में बदलाव किए थे. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

अमेरिका ने भी फाइजर के ट्रांसपोर्ट की कुछ शर्तों में बदलाव किए थे. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Covid-19 Vaccine Update: EMA के हवाले से बताया गया है कि ये बदलाव बंद वायल्स पर लागू होगा. साथ ही संघ ने फाइजर-बायोएनटेक की वैक्सीन के उत्पादन को क्षेत्र में बढ़ाने की अनुमति दे दी है.

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ब्रुसेल्स. फाइजर (Pfizer) की कोविड-19 (Covid-19) के खिलाफ तैयार वैक्सीन को लेकर अच्छी खबर सामने आई है. यूरोपीय संघ (European Union) के ड्रग रेग्युलेटर ने कहा है कि फाइजर की वैक्सीन को अब फ्रिज के तापमान में 1 महीने तक रखा जा सकता है. खास बात है कि इससे पहले यह समय सीमा केवल 5 दिनों की थी. वैक्सीन उम्मीदवारों के सामने आने के बाद से ही फाइजर खासी असरदार मानी जा रही थी, लेकिन उच्च तापमान और मुश्किल ट्रांसपोर्टेशन के जरिए इसका वितरण मुश्किल हो रहा था.

कहा जा रहा है कि यूरोपियन मेडिकल एजेंसी यानि EMA की तरफ से आया यह बयान पूरे ईयू में वैक्सीन कार्यक्रम को बेहतर बनाएगा. ट्रांसपोर्ट और स्टोरेज के लिए मुश्किल जरूरतों ने इस वैक्सीन के व्यापक वितरण में परेशानी बढ़ा दी थी. मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि फाइजर की वैक्सीन को स्टोरेज के लिए उच्च तापमान की जरूरत होती है. संभावित तौर पर यही कारण रहा कि यह दुनिया के कई देशों तक पहुंचने में असफल रही है.

मीडिया रिपोर्ट्स में EMA के हवाले से बताया गया है कि ये बदलाव बंद वायल्स पर लागू होगा. साथ ही संघ ने फाइजर-बायोएनटेक की वैक्सीन के उत्पादन को क्षेत्र में बढ़ाने की अनुमति दे दी है. खास बात है कि संघ ने खून के थक्कों की शिकायत के बाद एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन पर अस्थाई रोक लगा दी थी. वहीं, कनाडा में 12 और 15 साल की उम्र के लोगों को टीका लगाने की अनुमति दे दी है. ऐसा करने वाला कनाडा दुनिया का पहला देश है.

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बीती फरवरी में अमेरिका ने भी फाइजर के ट्रांसपोर्ट की कुछ शर्तों में बदलाव किए थे. अमेरिका ने -15 से -25 सेल्सियस तक फाइजर की वैक्सीन को दो हफ्तों तक स्टोर और ट्रांसपोर्ट करने की अनुमति दी थी. जबकि, आमतौर पर इसे -80 से -60 डिग्री सेल्सियस तापमान की जरूरत होती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, फाइजर को अमेरिका, ब्रिटेन, यूक्रेन, इजरायल समेत दुनिया के 84 देशों में अनुमति मिली हुई है.


भारत में टीकाकरण की क्या है स्थिति



भारत में 16 जनवरी को टीकाकरण शुरू हो गया था, लेकिन मौजूदा हालात में सप्लाई की कमी के कारण वैक्सीन प्रोग्राम खासा प्रभावित हुआ है. देश में ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने दो वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति दी थी. वहीं, कुछ ही समय में रूसी वैक्सीन स्पूतनिक-V का निर्माण भी शुरू हो रहा है. संभावना जताई जा रही है कि अगले कुछ दिनों में स्पूतनिक-V बाजार में आ सकती है.

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