ईरान में नहीं रुक रहा हादसों का सिलसिला, बंदरगाह पर खड़े 7 जहाजों में लगी आग

ईरान में नहीं रुक रहा हादसों का सिलसिला, बंदरगाह पर खड़े 7 जहाजों में लगी आग
ईरान के 7 जहाजों में लगी आग

न्यूक्लियर प्लांट (Nuclear Plant) और पावर प्लांट (Power Plant) के बाद अब दक्षिणी ईरान के बुशेहर बंदरगाह (Bushehr port) पर शिपयार्ड में कम से कम सात जहाज़ों में आग लग गई.

  • Share this:
तेहरान. ईरान (Iran) में हादसों का एक सिलसिला शुरू हो गया है जो कि थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. न्यूक्लियर प्लांट और पावर प्लांट के बाद अब दक्षिणी ईरान के बुशेहर बंदरगाह (Bushehr port) पर शिपयार्ड में कम से कम सात जहाज़ों में आग लग गई. ईरान की सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार स्थानीय आपदा प्रबंधन संगठन के प्रमुख ने ईरना समाचार एजेंसी से कहा कि आग पर काबू पा लिया गया है और किसी नुक़सान बड़े नुकसान की खबर नहीं है.

अल जजीरा में छपी रिपोर्ट के मुताबिक इस बार ‏भी ईरान ने ये स्पष्ट नहीं किया है कि आग आखिर लगी कैसे है. इससे पहले ईरान में ही मिसाइल केंद्र, पावर प्लांट, मेडिकल क्लीनिक और परमाणु केंद्र में आग लगी थी. ईरान में जारी हादसों के इस सिलसिले पर अब सवाल भी खड़े होने शुरू हो गए हैं. पहले इन आग लगने की घटनाओं के पीछे इजराइली ख़ुफ़िया एजेंसी मोसाद का हाथ बताया जा रहा था लेकिन अब ऐसा संदेह जताया जा रहा है कि ईरान में कुछ नष्ट किया जा रहा है.

बीते सोमवार को भी हुआ हादसा
बता दें कि सोमवार को उत्तर-पूर्वी शहर मशहद के नज़दीक एक औद्योगिक केंद्र में आग लगी थी. अधिकारियों का कहना था कि छह गैस के टैंक में आग लगी थी जिसके कारण धमाका हुआ था. उससे एक दिन पहले दक्षिण-पश्चिमी महशहर शहर में एक पेट्रोकेमिकल केंद्र पर आग लग गई थी इसको लेकर कहा गया था कि यह तेल लीक की वजह से हुआ था.
ये भी पढ़ें :-



क्या जिलों के कलेक्टर केवल IAS अफसर ही बनाए जा सकते हैं?

इस्लाम की दुहाई, जिन्ना का ऑफर ठुकराने वाले इस फौजी की अंत्येष्टि में शामिल हुए थे नेहरू

बीते शनिवार को भी राजधानी तेहरान के दमकल विभाग का कहना था कि एक इमारत के बेसमेंट में कई गैस सिलिंडर में धमाका हुआ था. ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वो नतांज़ में यूरेनियम संवर्धन केंद्र पर 2 जुलाई और खोजिर मिसाइल उत्पादन केंद्र पर 26 जून को हुए धमाके के कारणों की जांच कर रहे हैं कि कहीं इसमें विदेशी ताक़तों या घरेलू विपक्षी समूहों का तो हाथ नहीं था. ऐसा माना जाता है कि 2010 में अमेरिका और इजराइल के बनाए एक कंप्यूटर वायरस के कारण नतांज़ की मशीनरी पर हमला किया गया था.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading