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भारतीय मूल के बुर्जुग ने कबूला 17 लाख डॉलर की जालसाजी का जुर्म

News18Hindi
Updated: October 9, 2019, 1:01 PM IST
भारतीय मूल के बुर्जुग ने कबूला 17 लाख डॉलर की जालसाजी का जुर्म
भारतीय मूल के एक व्यक्ति ने की 17 लाख डॉलर की जालसाजी

अपने नियोक्ता से 17 लाख डॉलर (17 Lakhs Dollar) से अधिक की धोखाधड़ी करने वाले भारतीय मूल के 66 वर्षीय एक व्यक्ति ने जालसाजी का जुर्म स्वीकार कर लिया है.

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  • Last Updated: October 9, 2019, 1:01 PM IST
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न्यूयॉर्क. अमेरिका (America) में एक भारतीय मूल (Indian-Origin) के व्यक्ति को अपने नियोक्ता के साथ धोखाधड़ी करने के मामले में दोषी ठहराया गया. संघीय जांच ब्यूरो में स्पेशल एजेंट इन चार्ज जेनिफर बून और मैरिलैंड डिस्ट्रिक्ट में यूनाइटेड स्टेट्स अटॉर्नी रॉबर्ट हर ने बताया कि मैरीलैंड (Maryland) के रहने वाले राकेश कौशल (Rakesh Kaushal) ने पिछले हफ्ते अपना जुर्म स्वीकार कर लिया. कौशल अभी हिरासत में है. उन्हें जनवरी 2020 में सजा सुनाई जाएगी. जालसाजी के मामलों में अधिकतम 20 वर्ष की कैद की सजा हो सकती है.

याचिका के मुताबिक निर्माण एवं डिजाइन सेवा देने वाली मैरीलैंड की एक कंपनी ने अगस्त 2015 और जनवरी 2017 के बीच कौशल को नौकरी पर रखा था. ये कंपनी प्रमुख रूप से संघीय सरकारी एजेंसियो के लिए काम करती है. ईवान विक्टर थ्रान मैरिलैंड में तीन निर्माण कंपनियों का मालिक और अध्यक्ष था.

कौशल ने स्वीकार किया कि उसने थ्रान के साथ मिलकर धोखाधड़ी करने की योजना बनाई और तीन कंपनियों की ओर से किए गए काम के फर्जी भुगतान अनुरोध दिए. अभियोजकों का कहना है कि धोखाधड़ी के बाद कौशल ने 6,50,000 डॉलर की रकम अपने निजी बैंक खाते से भारत के एक खाते में भेजी.

कौशल ने दिवालियापन के लिए एक याचिका दायर की और दिवालियापन की कार्यवाही में लेनदारों की एक बैठक के दौरान कौशल ने यह गवाही दी कि उन्होंने धोखाधड़ी के पैसों का उपयोग भारत में एक परिवार के सदस्य के लिए एक कॉन्डोमिनियम खरीदने के लिए किया था. उन्होंने बताया कि 1 हजार से अधिक की रकम वो जुएं में हार चुके थे. इन सब से उसे होने वाला नुकसान 1.5 मिलियन डॉलर से 3.5 मिलियन डॉलर के बीच है.

मैरीलैंड स्थित कंपनी ने कौशल और थरेन के खिलाफ केस शुरू किया, और कौशल के खिलाफ 1,740,330 अमेरीकी डालर का एक डिफ़ॉल्ट प्राप्त किया. (भाषा इनपुट के साथ)

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First published: October 9, 2019, 12:59 PM IST
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