Nuclear Bomba Test Video: रूस ने ऐसे किया था दुनिया के सबसे बड़े परमाणु बम का टेस्ट

Nuclear Bomba Test Video: रूस ने ऐसे किया था दुनिया के सबसे बड़े परमाणु बम का टेस्ट
ये है दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा परमाणु बम

Tsar bomba test: रूस ने अपने उस परमाणु बम के परीक्षण की फुटेज जारी की है जिसे आज तक भी दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु बम माना जाता है. ये बम जापान के हिरोशिया में गिराए गए परमाणु बम से 3333 गुना ज्‍यादा शक्तिशाली था और इसका वजन 50 मेगाटन था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 27, 2020, 2:47 PM IST
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मॉस्को. अमेरिका (US) से तनातनी के बीच रूस (Russia) ने दुनिया के सबसे बड़े परमाणु बम विस्‍फोट (Tsar Bomba Nuke Test) का वीडियो जारी किया है. यह परमाणु बम विस्‍फोट दुनिया में अब तक हुए परमाणु विस्‍फोटों में सबसे शक्तिशाली है और अमेरिका भी कभी इतना बड़ा परमाणु बम नहीं बना पाया है. 'इवान' नामक इस परमाणु बम की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जापान के हिरोशिया में गिराए गए परमाणु बम से यह 3333 गुना ज्‍यादा शक्तिशाली था.

वीडियो में दी गयी जानकारी के मुताबिक रूस ने कोल्‍ड वॉर के दौरान अपने जा बांबा (Tsar Bomba) डिवाइस का 30 अक्‍टूबर 1961 को बैरंट सागर में परीक्षण किया था. यह करीब 50 मेगाटन का था और यह 5 करोड़ टन परंपरागत विस्‍फोटकों के बराबर ताकत से फटा था. इस परमाणु बम को रूसी विमान ने आर्कटिक समुद्र में नोवाया जेमल्‍या के ऊपर बर्फ में गिराया था. इस परमाणु बम के बारे में पश्चिमी दुनिया को पता चला तो इसका नाम 'Tsar Bomba' कर दिया गया. 20 अगस्‍त को रूस के रोस्‍तम स्‍टेट अटॉमिक एनर्जी कॉर्पोरेशन ने अपने यू्ट्यूब चैनल पर 30 मिनट की डॉक्‍यूमेंट्री जारी की है. विशेषज्ञों का कहना है कि रूस ने अपने परीक्षण के जरिए शानदार तकनीकी उपलब्धि हासिल की.





परीक्षण से लोग अंधे न हों इसलिए सैकड़ों मील दूर से देखा नज़ारा
इस परमाणु बम का खौफ इतना ज्‍यादा था कि कैमरों को सैकड़ों मील की दूरी पर लगाया गया था. साथ ही उन्‍हें लो लाइट पोजिशन में रखा गया था ताकि शूट कर रहा शख्स परमाणु विस्‍फोट की चमक में आंखों की रोशनी न गंवा बैठे. इन शक्तिशाली कैमरों ने करीब 40 सेकंड तक आग के गोले का वीडियो बनाया और उसके बाद यह मशरूम के बादल के रूप में बदल गया. इस विस्‍फोट स्‍थल से 100 मील की दूरी पर स्थित एक विमान ने मशरूम के आकार के गुबार का वीडियो बनाया. यह करीब 213,000 फुट की ऊंचाई तक गया था. बता दें कि रूस की सेना ने Tsar Bomba को RDS-220 नाम दिया था.

अमेरिका को चेतावनी देने के लिए बनाया गया
ये बम रूस ने अमेरिका और सोवियत संघ के बीच कोल्‍ड वॉर के सबसे बुरे दौर में बनाया था. सोवियत संघ ने अमेरिका के थर्मोन्‍यूक्लियर डिवाइस को टक्‍कर देने के लिए इस इवान नामक परमाणु बम का निर्माण किया था. वर्ष 1954 में अमेरिका ने अपने सबसे बड़े थर्मोन्‍यूक्लियर डिवाइस का मार्शल आईलैंड पर परीक्षण किया था. यह 15 मेगाटन का था और इसका नाम कास्‍टल ब्रावो था. यह Tsar से पहले तक उस समय के सभी परमाणु बमों से ज्‍यादा ताकतवर था. सोवियत संघ ने अमेरिका को जवाब देने के लिए मात्र 7 साल के अंदर दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु बम बना डाला.

इस परमाणु बम को पहले ट्रेन के जरिए ओलेन्‍या एयरबेस ले जाया गया जहां से उसे लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम Tu-95 पर लादा गया. 30 अक्‍टूबर को इस बॉम्‍बर ने उड़ान भरी और करीब 600 मील की यात्रा करके सेवेर्नी द्वीप पहुंचा. बॉम्‍बर ने बम को पैराशूट जरिये गिराया जिससे ये बम धीरे-धीरे धरती पर गिरा और विमान को इतना समय मिल गया कि वह विस्‍फोट की जद में नहीं आ सका. जब यह बम जमीन से करीब 13 हजार फुट की ऊंचाई पर पहुंच गया तब उसमें विस्‍फोट कर दिया गया. इस विस्‍फोट से रिक्‍टर पैमाने पर 5 की तीव्रता का भूकंप आता है और इसे दुनियाभर में महसूस किया जाएगा. इस विस्‍फोट के बाद अमेरिका और रूस ने वर्ष 1963 में एक संधि पर हस्‍ताक्षर किये. इसके बाद दोनों देशों ने हवा में परमाणु बम के परीक्षणों पर रोक लगा दी.
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