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डेल्टा से कम घातक हो सकता है ओमिक्रॉन, दक्षिण अफ्रीकी स्टडी में हुए चौंकाने वाले खुलासे

डेल्टा से कम घातक हो सकता है ओमिक्रॉन, दक्षिण अफ्रीकी स्टडी में हुए चौंकाने वाले खुलासे

भारत समेत कई देशों में ओमिक्रॉन के मामलों में बढत दर्ज की जा रही है. (सांकेतिक तस्वीर: AP)

भारत समेत कई देशों में ओमिक्रॉन के मामलों में बढत दर्ज की जा रही है. (सांकेतिक तस्वीर: AP)

Omicron in World: दूसरी स्टडी में दक्षिण अफ्रीका में स्वास्थ्य जानकारों ने कहा कि बीमारी की गंभीरता में कमी की वजह गुतैंग में पहले कोविड-19 के तेज फैलना हो सकती है. गुतैंग प्रांत में ही ओमिक्रॉन तेजी से पहला और स्टडी में भी इस क्षेत्र का ध्यान रखा गया था. दोनों स्टडीज में शुरुआती डेटा को शामिल किया गया है. दूसरी स्टडी में पता चला है कि टीका हासिल नहीं करने वाली कम से कम 68 फीसदी आबादी को ओमिक्रॉन की लहर से पहले भी संक्रमण हुआ था.

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    नई दिल्ली. दक्षिण अफ्रीका (South Africa) में ओमिक्रॉन वेरिएंट (Omicron Variant) को लेकर हुई स्टडी ने राहत दी है. इसमें जानकारी मिली है कि यहां अक्टूबर और नवंबर के बीच अन्य वेरिएंट का शिकार हुए लोगों की तुलना में ओमिक्रॉन संक्रमितों के अस्पताल में भर्ती होने की संभावनाएं 80 फीसदी कम थी. साथ ही इसमें यह भी कहा गया है कि कुछ जगहों पर यह वेरिएंट कम संक्रामक भी हो सकता है. इस बात पर जोर दिया गया है कि स्टडी की प्राप्तियां यह नहीं बताती हैं कि नया वेरिएंट ऑफ कंसर्न (VOC) कम गंभीर है, लेकिन यह शायद पहले संक्रमण के बाद इम्युनिटी हासिल कर चुकी आबादी में यह कम तीव्र तरीके से सामने आ रहा है.

    दक्षिण अफ्रीका के जानकारों की तरफ से की गई पहली स्टडी में पाया गया है कि डेल्टा वेरिएंट की तुलना में ओमिक्रॉन से संक्रमित हुए लोगों में गंभीर बीमारी विकसित करने की संभावना 70 प्रतिशत कम थी. हालांकि, इसमें यह पाया गया है कि अगर ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है, तो उनके गंभीर रूप से बीमार पड़ने की संभावना उन लोगों से कम नहीं है, जो जारी लहर के दौरान अन्य वेरिएंट से संक्रमित हुए हैं.

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    दूसरी स्टडी में दक्षिण अफ्रीका में स्वास्थ्य जानकारों ने कहा कि बीमारी की गंभीरता में कमी की वजह गुतैंग में पहले कोविड-19 के तेज फैलना हो सकती है. गुतैंग प्रांत में ही ओमिक्रॉन तेजी से पहला और स्टडी में भी इस क्षेत्र का ध्यान रखा गया था. दोनों स्टडीज में शुरुआती डेटा को शामिल किया गया है. दूसरी स्टडी में पता चला है कि टीका हासिल नहीं करने वाली कम से कम 68 फीसदी अनुमानित आबादी को ओमिक्रॉन की लहर से पहले भी संक्रमण हुआ था.

    नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर कम्युनिकेबल डिसीज में सेंटर फॉर रेस्पिरेटरी डिसीजेस एंड मेनिंगाइटिस में प्रोफेसर शेरिल कोहेने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि नतीजों की पकड़ उन क्षेत्रों में ज्यादा है, जहां बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हो चुके हैं. हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि कैसे ओमिक्रॉन देशों पर असर करेगा, जहां टीकाकरण की दर ज्यादा है, लेकिन संक्रमण दर कम है.

    Tags: Coronavirus, Omicron, South africa

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