Home /News /world /

ओमिक्रॉन: साउथ अफ्रीका और बोत्सवाना से डरी पूरी दुनिया, लेकिन WHO चीफ ने की इस बात के लिए तारीफ

ओमिक्रॉन: साउथ अफ्रीका और बोत्सवाना से डरी पूरी दुनिया, लेकिन WHO चीफ ने की इस बात के लिए तारीफ

कोरोना के नए वेरिएंट 'ओमिक्रॉन' की पहचान सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में हुई थी. (सांकेतिक तस्वीर)

कोरोना के नए वेरिएंट 'ओमिक्रॉन' की पहचान सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में हुई थी. (सांकेतिक तस्वीर)

WHO Omicron Coronavirus Variant: वैज्ञानिकों का कहना है कि 'ओमिक्रॉन' वेरिएंट कई बार उत्परिवर्तन का नतीजा है. कोविड के अधिक संक्रामक स्वरूप बी.1.1.1.529 के बारे में पहली बार 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका की ओर से विश्व स्वास्थ्य संगठन को सूचित किया गया था. इसके बाद बोत्सवाना, बेल्जियम, हांगकांग, इजरायल, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, नीदरलैंड, जापान, जर्मनी और फ्रांस सहित कई देशों में भी इसकी पहचान की गई है.

अधिक पढ़ें ...

    जेनेवा. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने सोमवार को दक्षिणी अफ्रीका से उड़ानों पर लगाए जा रहे यात्रा प्रतिबंधों पर निराशा जाहिर की. कोविड के अधिक संक्रामक स्वरूप ओमिक्रॉन (Coronavirus New Variant Omicron) की सबसे पहले पहचान दक्षिण अफ्रीका में ही की गई थी. वैश्विक संस्था ने इस नए वेरिएंट को न छिपाने के लिए दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना (South Africa and Botswana) को धन्यवाद भी दिया, जिन्होंने ओमिक्रॉन के पहले मामलों की सूचना दी थी.

    डब्ल्यूएचओ ने घेब्रेयसस के हवाले से ‘अफ्रीकी वैक्सीन निर्माण के लिए साझेदारी-इच्छा से कार्रवाई’ कार्यक्रम में कहा, “मैं इस नए कोविड-19 संस्करण का तेजी से पता लगाने, अनुक्रमण और रिपोर्ट करने के लिए दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना को धन्यवाद देता हूं. यह मेरे लिए बहुत निराशाजनक है कि कुछ देशों ने ओमिक्रॉन वेरिएंट की वजह से दक्षिणी अफ्रीका से सीधी उड़ानों पर रोक लगा दी है.”

    डब्ल्यूएचओ ने ओमिक्रॉन के खिलाफ मदद के लिए विशेषज्ञ दल दक्षिण अफ्रीका भेजा
    इस बीच, डब्ल्यूएचओ ने निगरानी एवं संपर्कों की पहचान की कोशिशें तेज करने के लिए दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन का केंद्र समझे जाने वाले गौतेंग प्रांत में विशेषज्ञों का एक दल भेजा है. दक्षिण अफ्रीका संक्रमण के बढ़ते मामलों से जूझ रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अफ्रीका के क्षेत्रीय आपात निदेशक डॉ. सलेमगुये ने बृहस्पतिवार को मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा था, “हम निगरानी एवं संपर्कों का पता लगाने में मदद करने के लिए गौतेंग प्रांत में एक दल तैनात कर रहे हैं.” उन्होंने कहा कि एक दल पहले से ही दक्षिण अफ्रीका में जीनोम क्रमसंरचना पर काम कर रहा है.

    पहली बार 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका में हुई नए वेरिएंट की पहचान
    वैज्ञानिकों का कहना है कि ‘ओमिक्रॉन’ वेरिएंट कई बार उत्परिवर्तन (Mutations) का नतीजा है. कोविड के अधिक संक्रामक स्वरूप बी.1.1.1.529 के बारे में पहली बार 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका की ओर से विश्व स्वास्थ्य संगठन को सूचित किया गया था. इसके बाद बोत्सवाना, बेल्जियम, हांगकांग, इजरायल, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, नीदरलैंड, जापान, जर्मनी और फ्रांस सहित कई देशों में भी इसकी पहचान की गई है.

    WHO ने ‘ओमिक्रॉन’ को बताया ‘चिंताजनक स्वरूप’
    ओमिक्रॉन को कोरोना वायरस के विभिन्न स्वरूपों में सबसे खतरनाक माना जा रहा है. डब्ल्यूएचओ ने 26 नवंबर को इसे ‘चिंताजनक’ स्वरूप (Variant of Concern) बताते हुए ओमिक्रॉन नाम दिया. ‘चिंताजनक स्वरूप’ डब्ल्यूएचओ की कोरोना वायरस के ज्यादा खतरनाक स्वरूपों की शीर्ष श्रेणी है. कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट को भी इसी श्रेणी में रखा गया था.

    Tags: Coronavirus, Omicron variant, WHO

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर